Bangladesh में बिगड़े हालात… विपक्ष का आरोप, यूनुस सरकार ने बढ़ाई अस्थिरता

Bangladesh News: बांग्लादेश की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। खासकर अर्थव्यवस्था में गिरावट और राजनीतिक अस्थिरता ने आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित किया है। विपक्षी पार्टी अवामी लीग ने इस स्थिति के लिए मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

अवामी लीग का आरोप है कि सत्ता में एक वर्ष पूरे करने के बावजूद अंतरिम सरकार न तो राजनीतिक स्थिरता स्थापित कर सकी है और न ही आर्थिक मोर्चे पर भरोसेमंद प्रदर्शन कर पाई है। पार्टी ने कहा कि जिस प्रशासन ने खुद को “सुधारक” बताया था, उसी ने बीते 20 वर्षों में सबसे कम 3.97 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर दर्ज कराई है।

राजनीतिक अस्थिरता और अशांति
पार्टी ने हाल के महीनों में विश्वविद्यालयों में बढ़ती अशांति, राजनीतिक समूहों के बीच झड़पें और धारा 144 जैसी कार्रवाइयों का हवाला देते हुए कहा कि इस माहौल ने निवेशकों का विश्वास डगमगा दिया है। अवामी लीग ने सवाल उठाया कि जब राजनीतिक नेता हमलों का शिकार हो रहे हों और परिसरों में हिंसा हो रही हो, तो निवेशक ऐसे माहौल में नई परियोजनाओं में पैसा क्यों लगाएंगे।

रोजगार और निवेश पर असर
अवामी लीग ने कहा कि अनिश्चितता के कारण नई परियोजनाएं शुरू नहीं हो रही हैं और मौजूदा परियोजनाएं भी जोखिम में हैं। रोजगार के अवसर घटे हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है और आय में कमी आई है। पार्टी के अनुसार, निजी क्षेत्र में कर्ज वृद्धि दर जून के अंत तक केवल 6.4 प्रतिशत रही, जो निवेश में घटती रुचि का संकेत है।

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सेना की भूमिका पर सवाल
अवामी लीग ने जातीय पार्टी (जापा) और गोनो अधिकार परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों के दौरान सेना द्वारा हस्तक्षेप और नेताओं पर लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने लोकतांत्रिक संस्थाओं के भविष्य को लेकर संदेह पैदा कर दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि हिंसा और अशांति जारी रही, तो बांग्लादेश और गहरे संकट में फंस जाएगा।

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जनता पर असर
पार्टी ने कहा कि जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों के गिरते जीवन स्तर का प्रतिबिंब है। धीमी वृद्धि के कारण नौकरियों के अवसर कम हुए हैं, गरीबी बढ़ी है और लोगों की आय घटी है।

अवामी लीग ने चेताया कि अगर मौजूदा हालात पर काबू नहीं पाया गया तो देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में लंबा समय लगेगा, जबकि नए संकट आने में समय नहीं लगेगा।

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