
Nepal Protest: नेपाल में Gen-Z का सोशल मीडिया पर जश्न, पीएम के इस्तीफे के बाद विक्ट्री परेड
Nepal Protest: नेपाल में Gen Z आंदोलनकारी अब विक्ट्री परेड निकाल जा रहे हैं। इस आंदोलन से पूरे देश में सियासी उथल-पुथल मची हुई है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। इसे आंदोलनकारी अपनी जीत मान रहे हैं।
Nepal Protest: भारत का पड़ोसी देश नेपाल जल रहा है। संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति भवन से लेकर पीएम हाउस तक आंदोलनकारी भीड़ का कब्जा है और इन्हें आग के हवाले कर दिया गया है। यह आंदोलन इतना भीषण था कि पहले ओली सरकार के 5 मंत्रियों ने इस्तीफा दिया तो वहीं अब खुद पीएम ओली ने पद छोड़ दिया है। सेना की सलाह पर वह पद छोड़कर अलग हो गए हैं। नेपाल के पीएम ओली के इस्तीफे के बाद से सोशल मीडिया पर जश्न का माहौल है. लोग मीम्स शेयर कर सरकार पर तंज कस रहे हैं और पोस्ट्स के जरिए संदेश दे रहे हैं कि जनता की आवाज़ को दबाना आसान नहीं सकते।
भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नेपाली जनता में सरकार और नेताओं के खिलाफ सालों से गुस्सा पनप रहा था. भ्रष्टाचार, सत्ता में बैठे नेताओं के बच्चों को मिलने वाले अनुचित फायदे और आम लोगों की तकलीफों को नजरअंदाज करना-ये सभी वजहें जनता के गुस्से को भड़काने वाली साबित हुईं। आंदोलन शुरू होने से कुछ दिन पहले ही नेपाल के सोशल मीडिया पर #PoliticiansNepoBabyNepal, #NepoKids और #NepoBaby जैसे हैशटैग जमकर ट्रेंड कर रहे थे. TikTok, Reddit और Facebook पर लोग नेताओं के बच्चों की आलीशान जिंदगी और आम युवाओं की संघर्षमयी जिंदगी की तुलना कर रहे थे।

हम बदलाव चाहते हैं- प्रदर्शनकारी
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “Gen-z के प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में आग लगा दी है. कल नेपाल पुलिस के जवानों ने 19 छात्रों की हत्या कर दी. यह विरोध सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के कारण नहीं है, बल्कि हम इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि हमें एक युवा नेता चाहिए. हम बदलाव चाहते हैं.”

विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने एक नई एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्थिति नियंत्रित होने तक नेपाल की यात्रा न करें. जो लोग पहले से ही नेपाल में हैं उन्हें घर अंदर रहने, सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. भारतीय दूतावास ने लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 977–9808602881 और +977–9810326134 जारी किया है.
सोशल मीडिया के जरिये ‘क्रांति’
आंदोलन के दौरान एक युवक हाथ में तख्ती लिए दिखा, जिस पर लिखा था कि हम यहां सिर्फ इंटरनेट के लिए नहीं, बराबरी के लिए खड़े हैं. सोशल मीडिया बैन के फैसले ने गुस्से की आग को और भड़का दिया. देखते ही देखते लोग सड़कों पर उतर आए और #GenZprotest जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. आंदोलन की लहर इतनी तेज हो गई कि आखिरकार प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देना पड़ा।





