परेश रावल की नयी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ विवादों में…ताजमहल के भीतर शिव मंदिर?

TheTaj story poster controversy: बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल ने कुछ समय पहले अपनी आगामी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ का एक शानदार पोस्टर जारी किया था. यह फिल्म अब अपने लेटेस्ट पोस्टर के कारण विवादों के साथ सुर्खियों में है.

परेश रावल, जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, स्नेहा वाघ और नमित दास जैसे दमदार अभिनय से सजी इस फिल्म के नवीनतम पोस्टर ने विवाद खड़ा कर दिया है. बढ़ते विवाद के बीच ‘द ताज स्टोरी’ के मेकर्स और मुख्य कलाकार परेश रावल ने एक बयान जारी किया है.

29 सितंबर की रात को परेश रावल ने ‘द ताज स्टोरी’ के मेकर्स द्वारा जारी किए गए बयान को एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किया है. बयान में डिस्क्लेमर के साथ मेकर्स ने लिखा है, ‘डिसक्लेमर, फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ के मेकर्स यह साफ करते हैं कि यह फिल्म किसी भी धार्मिक मुद्दे से संबंधित नहीं है, न ही यह दावा करती है कि ताजमहल के भीतर कोई शिव मंदिर है. यह पूरी तरह से ऐतिहासिक तथ्यों पर केंद्रित है. हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप फिल्म देखें और अपनी राय बनाएं. धन्यवाद, स्वर्णिम ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड.’

द ताज स्टोरी के मेकर्स का यह बयान फिल्म के नए मोशन पोस्टर के बाद आया है, जिसमें परेश रावल को ताजमहल के टॉप को पकड़े हुए दिखाया गया है और उसके अंदर भगवान शिव की मूर्ति दिखाई दे रही है.

 

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इस पोस्टर ने विवाद को जन्म दे दिया है क्योंकि यह फिल्म ताजमहल से जुड़ी ऐतिहासिक कथाओं पर सवाल उठाती है, खासकर इस विवादास्पद दावे पर कि यह मूल रूप से तेजो महालय नाम के एक हिंदू मंदिर था.

सोमवार को, परेश रावल ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंड पर द ताज स्टोरी का नया मोशन पोस्टर का अनावरण किया और लिखा, ‘क्या होगा अगर आपको जो कुछ भी सिखाया गया है वह सब झूठ हो? सच सिर्फ छिपाया नहीं जाता, उसका आकलन किया जाता है. 31 अक्टूबर को अपने नजदीकी सिनेमाघरों में द ताज स्टोरी के साथ तथ्यों का खुलासा करें.’

इस फिल्म का लेखन और निर्देशन तुषार अमरीश गोयल ने किया है, और विकास राधेशम इसके क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं.

 

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