जयपुर के अस्पताल में आग का तांडव, ICU में भर्ती 6 मरीजों की दर्दनाक मौत

Jaipur SMS Hospital Fire: जयपुर SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग से छह मरीजों की हो गयी मौत. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्थिति का जायजा लिया.

Jaipur SMS Hospital Fire: जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लगने से आठ मरीजों की दुखद मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल थे। शॉर्ट सर्किट के कारण आग तेजी से फैली जिससे जहरीला धुआं निकला। आईसीयू में 24 मरीज भर्ती थे जिनमें से 11 ट्रॉमा आईसीयू में थे। अस्पताल कर्मचारियों ने तुरंत मरीजों को बचाने का प्रयास किया।

कई पुलिसकर्मियों को सांस में दिक्कत

पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल वेदवीर सिंह, हरि मोहन और ललित ने 10 से ज़्यादा मरीजों और परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाला. मरीजों को बाहर निकालते निकालते ये जवान खुद बेसुध हो गए. कई पुलिसकर्मियों को भी अब सांस में दिक्कत हो रही है. SMS इमरजेंसी में पुलिसकर्मियों का उपचार चल रहा है. जिस आईसीयू में आग लगी उसमें 11 मरीज भर्ती थे. आईसीयू और सेमी आईसीयू में भर्ती 18 मरीज दूसरे आईसीयू में शिफ्ट किए हैं. जयपुर का यह एसएमएस अस्पताल राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल्स में शामिल है.

आईसीयू में 24 मरीज थे भर्ती

डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया, “हमारे ट्रॉमा सेंटर में दूसरी मंजिल पर दो आईसीयू हैं, एक ट्रॉमा आईसीयू और एक सेमी-आईसीयू। वहां हमारे 24 मरीज थे, 11 ट्रॉमा आईसीयू में और 13 सेमी-आईसीयू में। ट्रॉमा आईसीयू में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग तेजी से फैल गई, जिससे जहरीली गैसें निकलीं।”

ज्यादातर मरीज बेहोशी की हालत में मिले

अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर गंभीर मरीज बेहोशी की हालत में थे। हमारी ट्रॉमा सेंटर टीम, हमारे नर्सिंग ऑफिसर और वार्ड बॉय ने तुरंत उन्हें ट्रॉलियों पर लादकर आईसीयू से बाहर निकाला और जितने मरीजों को हम आईसीयू से बाहर निकाल पाए, उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया। उनमें से छह मरीजों की हालत बेहद गंभीर थी; हमने सीपीआर से उन्हें होश में लाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

जयपुर में हुए आग हादसे को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए एक जांच समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान करेंगे. यह समिति आग लगने के कारण, अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई, ट्रॉमा सेंटर और एसएमएस अस्पताल में अग्निशमन व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा और निकासी की स्थिति की जांच करेगी. साथ ही, भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के उपायों पर भी रिपोर्ट तैयार करेगी.

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