
अनिल अंबानी ग्रुप के CFO गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED का एक्शन
Anil Ambani Group: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस पावर लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और उद्योगपति अनिल अंबानी के करीबी सहयोगी अशोक कुमार पाल को फर्जी बैंक गारंटी मामले में गिरफ्तार किया है।
Anil Ambani Group: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 17,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस पावर के सीएफओ अशोक कुमार पाल को गिरफ्तार किया है। पाल पर फर्जी बैंक गारंटी जारी करने में शामिल होने का आरोप है, जो सार्वजनिक धन को दूसरी जगह भेजने की योजना का हिस्सा था। यह गिरफ्तारी अनिल अंबानी समूह की व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसमें यस बैंक के दिए गए लोन की जांच शामिल है। सीबीआई भी इस मामले में जांच कर रही है।
फर्जी बैंक गारंटी का खेल
जांचकर्ताओं का आरोप है कि पाल ने फर्जी गारंटी जारी करने के लिए बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड एक ऐसी फर्म जिसकी कोई विश्वसनीय पृष्ठभूमि नहीं है की नियुक्ति में मदद की। ईडी का दावा है कि यह एक लिस्टेड कंपनी, जिसके 75% से ज्यादा शेयर जनता के पास हैं, से सार्वजनिक धन को दूसरी जगह भेजने की योजना हो बन रही थी।
ED की प्राथमिकी और जांच
यह जांच दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध विंग (EOW) की 2024 में दर्ज FIR पर आधारित है। इसमें आरोप है कि इस फर्जी बैंक गारंटी के जरिए करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया। ED का कहना है कि अशोक पाल ने पूरे फर्जीवाड़े की योजना बनाई, उसे निगरानी की, फंडिंग की और सबूत छुपाए। साथ ही उन पर फर्जी ट्रांसपोर्ट बिल के जरिए पैसा निकालने और कंपनी के भुगतान सिस्टम को दरकिनार कर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम से फाइलें मंजूर करने का भी आरोप है।
पाल की गिरफ्तारी अनिल धीरूभाई अंबानी (एडीए) समूह की बड़ी जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिसकी व्यापक वित्तीय अनियमितताओं के लिए जांच की जा रही है। अगस्त में, ईडी ने मुंबई में 35 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें एडीए समूह से जुड़ी 50 कंपनियाँ और 25 व्यक्ति शामिल थे।





