जैसलमेर बस अग्निकांड में 20 लोग जिंदा जले, DNA सैंपल से होगी शवों की पहचान

Jaisalmer Bus Accident: जैसलमेर बस अग्निकांड में मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ फतेह सिंह भाटी ने बताया मंगलवार को 3 गंभीर मरीज वेंटिलेटर पर थे।

Jaisalmer Bus Accident: राजस्थान के जैसलमेर में हुए भीषण बस अग्निकांड के बाद मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी, जिनके शव बुरी तरह जल जाने से पहचान मुश्किल हो गई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के दो-दो सदस्यों के सैंपल लेकर डीएनए मिलान शुरू किया है। मरने वालों में एक पत्रकार और एक ही परिवार के पांच सदस्य भी शामिल हैं।

ल़ॉक हो गया था बस का दरवाजा

मालूम हुआ कि हादसे वाली बस को नॉर्मल से AC में मॉडिफाई करवाया गया था और इसी सेंट्रल AC में शॉर्ट सर्किट हादसे का कारण बना. केके ट्रैवल्स की नयी इस बस को 5 दिन पहले ही इस रूट पर लगाया था. जानकारी के अनुसार आग लगते ही धुआं भरने से बस का दरवाजा लॉक हो गया था, जिसके चलते लोग छटपटाकर रह गए लेकिन समय होने के बावजूद बाहर नहीं निकल सके. इस हादसे में सेतरावा के लवारन गांव के महेंद्र मेघवाल का 5 लोगों को पूरा परिवार ही खत्म हो गया. महेंद्र मेघवाल, उनकी पत्नी और तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई.

एक ही परिवार के 5 की मौत

महेंद्र जैसलमेर में सेना के गोला बारूद डिपो में कार्यरत थे और शहर में इंद्रा कॉलोनी में किराए के मकान में रहता थे.  वे दीपावली मनाने के लिए परिवार के पास गांव जा रहे थे. जैसलमेर के एक स्थानीय पत्रकार राजेन्द्र सिंह भी इस बस हादसे में जिंदा जल गए. वे एक उद्घाटन में पोकरण जा रहे थे. घायलों में एक कपल भी है, जो प्री-वेडिंग शूट कराकर जोधपुर लौट रहा था.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिया जायजा

हादसे के बाद सूचना पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर से जैसलमेर पहुंचे। मौके पर जायजा लेने के बाद वो जोधपुर में घायलों से भी मिले। उधर, डीएनए सैंपलिंग के लिए जोधपुर के महात्मा गांधी और जैसलमेर के जवाहर हॉस्पिटल में विशेष व्यवस्था की गई। परिजनों को सुविधा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए अलग-अलग कक्षों में सैंपल लिए जा रहे हैं।

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सीएम भजनलाल ने हादसे के बाद जिला कलेक्टर और सेना के अफसरों से पूरा जायजा लिया। उधर, प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई। यह मदद पीड़ितों के पुनर्वास और उपचार में इस्तेमाल होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट किया कि जैसलमेर हादसे से मन व्यथित है। उन्होंने मृतकों के परिजनों से संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

 

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