गठिया रोग में योग बन सकता है सहारा, जानें कौनसे आसन हैं फायदेमंद…

Yoga for Arthritis: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गठिया (जोड़ों का दर्द) केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा। अब युवा भी गलत खान-पान, लंबे समय तक बैठना, तनाव और शरीर में सूजन की वजह से इससे प्रभावित हो रहे हैं। गठिया में आमतौर पर जोड़ों में दर्द, सूजन, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होती है। कभी-कभी रोजमर्रा के काम भी मुश्किल हो जाते हैं।

आयुष मंत्रालय और योग विशेषज्ञों का कहना है कि दवाइयों के साथ योग को जीवनशैली में शामिल करने से गठिया के दर्द को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

आयुष मंत्रालय और योग विशेषज्ञों का सुझाव
दवाइयों के साथ योग को अपनी जीवनशैली में शामिल करने से गठिया के दर्द और जकड़न को काफी हद तक कम किया जा सकता है। योग न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि रक्त संचार सुधारता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है और मानसिक तनाव को भी घटाता है।

गठिया में लाभकारी योगासन

  • ताड़ासन (Mountain Pose)

     कैसे करें: सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं और शरीर को ऊपर की ओर खींचें।

     लाभ: रीढ़ और पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जोड़ों की जकड़न कम होती है और ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।

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  • वृक्षासन (Tree Pose)

    कैसे करें: एक पैर पर खड़े होकर दूसरा पैर जांघ पर रखें, हाथों को नमस्ते की मुद्रा में लाएं।

    लाभ: शरीर का संतुलन बढ़ता है, ध्यान केंद्रित होता है और कूल्हों व पैरों के जोड़ों को मजबूती मिलती है।

    सुझाव: शुरुआत में संतुलन मुश्किल लगे तो दीवार का सहारा लें।

  • भुजंगासन (Cobra Pose)

    कैसे करें: पेट के बल लेटकर छाती को ऊपर उठाएं।

    लाभ: रीढ़ की लचीलापन बढ़ता है, कमर, पीठ, कंधे और गर्दन के दर्द में राहत मिलती है।

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सुझाव

  • नियमित योग अभ्यास, हल्की फिजिकल गतिविधि और संतुलित आहार गठिया को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
  • शुरुआत धीरे-धीरे करें और दर्द होने पर किसी विशेषज्ञ से सलाह लें।

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