
Bihar में महागठबंधन की आपसी जंग, दो प्रत्याशी मैदान में उतरे तो बढ़ी कंफ्यूजन
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में जहां महागठबंधन के शीर्ष नेता एकजुटता का संदेश दे रहे हैं, वहीं खगड़िया जिले की बेलदौर विधानसभा सीट पर गठबंधन की यह एकजुटता फीकी पड़ती नजर आ रही है। यहां महागठबंधन के दो घटक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बन गई है।
कांग्रेस ने बेलदौर से मिथिलेश निषाद को मैदान में उतारा है, जबकि महागठबंधन में शामिल इंडियन इंक्लूसिव पार्टी ने तनीषा भारती को प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों नेता संयुक्त मोर्चे का हिस्सा होने का दावा करते हुए चुनाव प्रचार में महागठबंधन के बड़े नेताओं के पोस्टर, झंडे और नारे का उपयोग कर रहे हैं। दोनों ही अपने को गठबंधन का अधिकृत उम्मीदवार बताते हुए वोट मांगने में जुटे हैं।
इस वजह से स्थानीय मतदाताओं में कंफ्यूजन बढ़ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीट पर इस समय जो स्थिति बनी है उसका सीधा नुकसान महागठबंधन को हो सकता है। वोट बिखरने से विरोधी दलों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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हालांकि अभी तक बेलदौर विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन के बड़े नेताओं की कोई जनसभा नहीं हुई है। शनिवार को परबत्ता में आयोजित नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की रैली में दोनों प्रत्याशियों की उपस्थिति ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जब बेलदौर में बड़े नेताओं की सभा होगी तब तस्वीर कितनी साफ हो पाएगी, यह देखने वाली बात होगी।
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कांग्रेस की कार्यकारी जिलाध्यक्ष राजकिरण ठाकुर का कहना है कि इंडियन इंक्लूसिव पार्टी की उम्मीदवार ने पहले नामांकन किया था और कांग्रेस में टिकट पर निर्णय लेने में देरी हुई। फिर भी उन्होंने दावा किया कि मिथिलेश निषाद मजबूती से चुनाव मैदान में बने रहेंगे और मामला जल्द सुलझ जाएगा।
फिलहाल बेलदौर में महागठबंधन की अंदरूनी खींचतान चुनावी माहौल में नई हलचल पैदा कर चुकी है और इसका असर परिणामों पर कितना पड़ेगा यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही साफ होगा।
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