
सूर्योदय से पहले उठने के अनगिनत फायदे, आयुष मंत्रालय ने दिया मंत्र…
Ministry of Ayush: भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने लोगों से सूर्योदय से पहले उठने की आदत अपनाने की अपील की है। मंत्रालय के अनुसार, यह एक साधारण लेकिन अत्यंत प्रभावी जीवनशैली बदलाव है, जो शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित कर सकता है।
आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि सूर्योदय से पहले उठकर अविश्वसनीय लाभ पाएं — ताजी हवा से लेकर बेहतर स्वास्थ्य तक। यह आदत आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन लाती है।”
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सबसे शुद्ध हवा और बेहतर फेफड़े
मंत्रालय ने बताया कि सूर्योदय से पहले की हवा सबसे शुद्ध और ऑक्सीजन से भरपूर होती है। इस समय वातावरण में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे कम होता है, जिससे फेफड़ों को स्वच्छ ऑक्सीजन मिलती है।
इस शुद्ध हवा में सांस लेने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और पूरे दिन ताजगी बनी रहती है।
शरीर की जैविक घड़ी को संतुलित रखता है
आयुष मंत्रालय के अनुसार, सुबह जल्दी उठने से नींद, भोजन और व्यायाम का चक्र नियमित रहता है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है, वजन नियंत्रित रहता है और तनाव घटता है।
इस आदत से शरीर के महत्वपूर्ण हार्मोन — मेलाटोनिन और कोर्टिसोल — का संतुलन भी बना रहता है, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और थकान दूर रहती है।
इम्यून सिस्टम और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
सुबह जल्दी उठने से प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) मजबूत होती है। शरीर प्राकृतिक रिद्म में काम करता है, जिससे बीमारियों का खतरा घटता है।
साथ ही, सुबह का शांत वातावरण मन को स्थिरता और शांति देता है। ध्यान (मेडिटेशन) और योग के लिए यह समय सर्वोत्तम माना जाता है। इससे तनाव, चिंता और अवसाद में कमी आती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक स्पष्टता विकसित होती है।
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पीनियल ग्रंथि और उम्र पर प्रभाव
मंत्रालय ने बताया कि सूर्योदय से पहले उठने से पीनियल ग्रंथि सक्रिय होती है, जो मेलाटोनिन हार्मोन का स्राव करती है। यह हार्मोन नींद को नियंत्रित करता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है।
इससे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक सही रहती है, और दिनभर शरीर व मन में तालमेल बना रहता है।
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ब्रह्म मुहूर्त का महत्व
आयुर्वेद और योगशास्त्र के अनुसार, सूर्योदय से लगभग 1.5 घंटे पहले का समय ‘ब्रह्म मुहूर्त’ कहलाता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह समय ध्यान, योग, अध्ययन और आत्मचिंतन के लिए सबसे श्रेष्ठ होता है। इस दौरान एकाग्रता अधिक होती है और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवाह तेज रहता है। आयुष मंत्रालय का संदेश स्पष्ट है कि सूर्योदय से पहले उठना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है।”
यह अभ्यास न केवल शरीर को ऊर्जावान बनाता है, बल्कि मन को भी शांति देता है और जीवन में सकारात्मकता लाता है।
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