
बागेश्वर सरकार की 10 दिवसीय पदयात्रा… दिल्ली से वृंदावन तक यमुना शुद्धिकरण का संकल्प
Dhirendra Shastri Padyatra: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गुरुवार, 7 नवंबर को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ क्षेत्र से अपनी बहुप्रतीक्षित “सनातन हिंदू एकता पदयात्रा” की शुरुआत की। यह यात्रा 16 नवंबर तक वृंदावन (मथुरा) पहुंचेगी। शास्त्री ने इस पदयात्रा के माध्यम से यमुना नदी को गंगा की तरह शुद्ध बनाने, सनातन धर्म की एकजुटता और ब्रज क्षेत्र में धार्मिक मर्यादाओं के संरक्षण का संदेश देने का उद्देश्य बताया है।
422 से अधिक इलाकों से गुजरेगी यात्रा
धीरेंद्र शास्त्री की यह पदयात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 422 से ज्यादा इलाकों से होकर गुजरेगी। आयोजकों के अनुसार, करीब दो लाख श्रद्धालु इस यात्रा में हिस्सा लेंगे, जबकि शास्त्री का दावा है कि इस अभियान के जरिए करीब 5 करोड़ लोगों तक संदेश पहुंचाया जाएगा।
यमुना शुद्धिकरण और धर्म एकता मुख्य लक्ष्य
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी की सफाई और शुद्धता बहाल करना है। उन्होंने कहा कि यमुनोत्री से निकलने के बाद हरियाणा, दिल्ली और यूपी में यमुना बेहद प्रदूषित हो जाती है, जो चिंता का विषय है।
इसके अलावा, पदयात्रा के दौरान ब्रज क्षेत्र में मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध, गाय को राष्ट्र माता का दर्जा, और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात
पदयात्रा से पहले धीरेंद्र शास्त्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की थी और यमुना शुद्धिकरण के लिए सहयोग का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि “यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि पर्यावरण और आस्था दोनों की रक्षा का अभियान है।”
प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल
पदयात्रा में देश के कई प्रसिद्ध संत, कलाकार और समाजसेवी शामिल होंगे।
शामिल होने वालों में —
- कथावाचक जया किशोरी
- कवि कुमार विश्वास
- द ग्रेट खली (रेसलर)
- अभिनेत्री अक्षरा सिंह
- कॉमेडियन सुनील ग्रोवर
के नाम प्रमुख हैं।
इसके अलावा साध्वी ऋतंभरा, स्वामी चिदानंद मुनि, ज्ञानानंद महाराज, राजू दास महाराज (हनुमानगढ़ी), सुधांशु महाराज, बालक योगेश्वर दास, मृदुल कांत शास्त्री और संजीव कृष्ण ठाकुर जैसे प्रमुख संत भी इस यात्रा में सम्मिलित होंगे।
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पदयात्रा का विस्तृत रूट
- 7 नवंबर: दिल्ली के कात्यायनी देवी मंदिर से शुभारंभ
- 8 नवंबर: बहादुरगढ़ (हरियाणा सीमा) पर पड़ाव
- 9 नवंबर: फरीदाबाद दशहरा मैदान, सीकरी
- 10–12 नवंबर: परथला राजकीय कॉलेज और होडल मंडी में ठहराव
- 13 नवंबर: हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा पार कर कोसीकलां, मथुरा में प्रवेश
- 15 नवंबर: बरसाना पहुंचेंगे श्रद्धालु
- 16 नवंबर: बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में भव्य महासभा के साथ पदयात्रा का समापन
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धीरेंद्र शास्त्री का संदेश
शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि सनातन धर्म की एकता का प्रतीक है। हम चाहते हैं कि यमुना फिर से पवित्र बहे और हर हिंदू एक सूत्र में बंधे। यह धर्म, पर्यावरण और मानवता की पदयात्रा है।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने संयुक्त नियंत्रण कक्ष बनाए हैं। श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा, भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
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