मोदी–पुतिन वार्ता: यूक्रेन संकट और 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य पर चर्चा

Putin India Visit: राष्ट्रपति भवन से लौटने के बाद पुतिन हैदराबाद हाउस पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता का पहला दौर शुरू हुआ। दोनों नेताओं की बैठक में रक्षा सहयोग, तकनीकी हस्तांतरण (ToT), ऊर्जा साझेदारी, अंतरिक्ष सहयोग, व्यापार बढ़ोतरी, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थितियों पर विस्तृत चर्चा हो रही है।

भारत और रूस के बीच आज लगभग 10 सरकारी समझौतों और 15 से अधिक व्यावसायिक सौदों के साइन होने की उम्मीद है। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर भी काम कर रहे हैं।

यूक्रेन संकट पर PM मोदी की स्पष्ट टिप्पणी: “भारत न्यूट्रल नहीं… भारत शांति के पक्ष में है”
हैदराबाद हाउस में वार्ता की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संकट पर अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से रखी। उन्होंने कहा:

“यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद से भारत और रूस लगातार संपर्क में रहे हैं। भारत न्यूट्रल नहीं है। भारत हमेशा शांति, संवाद और कूटनीति के पक्ष में है।”

उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि दुनिया जल्द ही शांति की दिशा में लौटेगी और संवाद ही समाधान का रास्ता है।

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यूक्रेन पर पुतिन का बयान: “हम डील पर काम कर रहे हैं, इसमें अमेरिका भी शामिल”
पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि रूस एक शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा:

“हम यूक्रेन पर एक डील में लगे हुए हैं। शांतिपूर्ण सेटलमेंट के लिए प्रयास जारी हैं, और इसमें अमेरिका भी शामिल है।”

उन्होंने मोदी के शांति प्रयासों और भारत की संतुलित कूटनीतिक भूमिका की भी सराहना की।

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भारत–रूस रिश्तों में नई मजबूती का संकेत
पुतिन की यह यात्रा वैश्विक राजनीति में उभरते नए समीकरणों और एशिया में बढ़ते रणनीतिक संतुलन के बीच भारत–रूस संबंधों को नई दिशा दे रही है। रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और भू-राजनीतिक समन्वय — सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग के विस्तार की संभावना है।

भारत–रूस संबंधों की ऐतिहासिक गहराई और भविष्य की रणनीतिक संभावनाओं का यह सबसे अहम क्षण माना जा रहा है।

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