
फोन नंबर से लोगों की लोकेशन बता रही है ये वेबसाइट? निजी जानकारी भी होगी लीक…
ProxyEarth वेबसाइट पर सिर्फ एक मोबाइल नंबर डालने से भारतीय यूजर की लोकेशन, लाइव लोकेशन यहां तक की नाम, पता, पिता का नाम आदि पर्सनल डिटेल पता चल जाती है।
जहां एक तरफ लोगों को संचार साथी से जासूसी का डर सता रहा है. वहीं दूसरी तरफ एक ऐसी वेबसाइट है, जो लोगों का पर्सनल डेटा लीक कर रही है। ProxyEarth नाम की एक वेबसाइट सिर्फ फोन नंबर एंटर करने से लोगों की लाइव लोकेशन और कई दूसरी पर्सनल डिटेल्स बता रही है. ये किसी यूजर की प्राइवेसी को लेकर एक बड़ा खतरा है। यह फोन नंबर के आधार पर नजदीकी मोबाइल टावर के लोकेशन यानी टावर ट्रायंगुलेशन डेटा यूज करके उनकी लाइव लोकेशन का पता लगा लेती है।
लोकेशन से लेकर निजी जानकारी लीक
इस वेबसाइट ProxyEarth को राकेश नाम के एक व्यक्ति ने बनाई है। इस पर आरोप है कि ये भारतीय यूजर्स के फोन नंबर से उनकी लोकेशन से लेकर निजी जानकारी लीक कर रही है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि वेबसाइट भारत के टेलीकॉम इंफ्रॉस्ट्रक्चर के लूप-होल्स का फायदा उठाकर लोगों के फोन नंबर से उनकी हर जानकारी मुहैया करा देती है।
ProxyEarth क्या है?
ProxyEarth.org एक संदिग्ध वेबसाइट अक्टूबर 2025 में लॉन्च की गई थी। इस साइट पर आप सिर्फ एक भारतीय मोबाइल नंबर दर्ज करें, और वह आपको उस नंबर से जुड़े व्यक्ति की विस्तृत जानकारी दिखा देती है जिनमें नाम, पिता का नाम, पता, वैकल्पिक नंबर, ईमेल, सिम सर्विस प्रोवाइडर और कभी-कभी आधार, वोटर-आईडी, पैन या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर तक शामिल होते हैं। साइट दावा करती है कि वह कभी-कभी “लाइव लोकेशन” भी दिखा सकती है शायद टावर ट्रायएंग्युलेशन डेटा के आधार पर।
कहां से आता है डेटा?
जब आप वेबसाइट पर नंबर डालते हैं, तो यह बैकएंड में API कॉल्स के जरिए पूर्व लीक या उपलब्ध डेटाबेस से जानकारी खंगालती है। शोधकर्ताओं ने यह पाया कि डेटा हमेशा ताज़ा नहीं होता कई बार पुराना होता है। “लाइव लोकेशन” दिखाने का दावा अक्सर भ्रामक लगाता है कई जगह लिंक नहीं मिलते या गलत लोकेशन दिखते हैं।
सिर्फ प्राइवेसी नहीं, बड़ा साइबर रिस्क
यह सिर्फ निजी जानकारी का रिसाव नहीं है इसके दुष्परिणाम कई गंभीर हो सकते हैं:
पहचान-चोरी: नाम, पिता का नाम, पता, आधार या वोटर-आईडी जैसे कोड्स, किसी भी फ्रॉड या कर्ज की फाइलिंग में दुरुपयोग हो सकते हैं।
वित्तीय स्कैम: जैसे बैंकिंग, लोन या ऑनलाइन लेन-देन के लिए यह जानकारी इस्तेमाल हो सकती है।
स्टॉक किया डेटा सार्वजनिक: जो लोग कभी सिम खरीद चुका हों, उनकी जानकारी लाखों लोगों के लिए उपलब्ध हो सकती है।
संसाधनों का दुरुपयोग: फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग, धोखाधड़ी संभावित अपराधों का दायरा बहुत बड़ा है।
इस वेबसाइट पर पहले भी लोगों के निजी डेटा और लाइव लोकेशन लीक करने का आरोप लगा रहा है। इसमें जैसे ही आपका मोबाइल नंबर यूज किया जाता है यह आपका और आपके पिता का नाम, वैकल्पिक नंबर और ई-मेल आईडी के साथ-साथ लोकेशन की जानकरी शेयर कर देती है। कई मामलों में ये वेबसाइट सटीक लाइव लोकेशन की जानकारी तक दे देती है।





