
Shivraj Patil Death: पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, मुंबई अटैक के वक्त थे होम मिनिस्टर
Shivraj Patil Passes Away: कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल चाकुरकर का आज लातूर में निधन हो गया. वह 91 साल के थे. उन्होंने सुबह करीब 6:30 बजे लातूर में अपने घर पर आखिरी सांस ली.
Shivraj Patil Passes Away: केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह रक्षा मंत्रालय समेत कई अन्य विभाग भी संभाल चुके थे। लातूर स्थित उनके निजी आवास में उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार के सूत्रों ने बताया कि पाटिल कुछ समय से बीमार थे और उन्होंने अपने आवास ‘देवघर’ पर ही अंतिम सांस ली। उनके परिवार में बेटा शैलेश पाटिल, बहू अर्चना और दो पोतियां हैं। उनकी बहू भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता हैं।
कौन थे शिवराज पाटिल?
लातूर के चाकुर के रहने वाले शिवराज पाटिल चाकुरकर मराठवाड़ा और महाराष्ट्र में कांग्रेस के एक असरदार और अहम व्यक्ति थे. शिवराज पाटिल लातूर के चाकुर से एक प्रभावशाली कांग्रेस नेता थे. लातूर लोकसभा क्षेत्र से सात बार जीते थे. 2004 में लोकसभा में हारने के बाद भी उन्होंने राज्यसभा से गृह मंत्री का पद और केंद्रीय जिम्मेदारियां स्वीकार की थीं. कांग्रेस और उसके सभी कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.
शिवराज पाटिल का जन्म और शिक्षा
देश के पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर 1935 में हुआ. शिवराज के पिता का नाम शिवराम पाटिल और उनकी माता का नाम शारदा पाटिल था. उनके पिता एक किसान थे और वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे. इसके बावजूद उन्होंने अपनी सियासी पहचान बनाई.
शिवराज पाटिल को भारतीय राजनीति में एक अहम और अनुभवी शख्सियत के तौर पर जाना जाता है. उनका जन्म लातूर जिले के चाकुर में हुआ था. लातूर में अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल करने के बाद उस्मानिया यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन किया. मुंबई यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सियासत में कदम रखा.
नगर पालिका से संसद तक का सफर
शिवराज पाटिल ने 1967-69 के दौरान लातूर नगर पालिका में काम करके अपनी राजनीतिक पारी का आगाज किया. इसके बाद लातूर ग्रामीण सीट से वह 1973 से 1980 तक विधायक रहे. 1980 के आम चुनाव में लातूर संसदीय सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे और इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार में रक्षा राज्य मंत्री के रूप में पहली बार मंत्री बने.
1980 से लेकर 1999 तक लगातार सात बार लोकसभा जीतकर शिवराज पाटिल ने महाराष्ट्र ही नहीं, देश की राजनीति में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई. इसके बाद कामयाबी की बुलंदी चढ़ते गए.





