
महात्मा गांधी का नाम हटाने के खिलाफ संसद में कांग्रेस का जोरदार मार्च
Opposition Protest: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमएनआरईजीए) का नाम बदलने के प्रस्ताव के खिलाफ गुरुवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकाला और ‘महात्मा गांधी का अपमान नहीं सहेंगे’ जैसे नारे लिखे पोस्टर लहराए।
कांग्रेस अध्यक्ष का कड़ा बयान
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मोदी सरकार ने केवल महात्मा गांधी का अपमान नहीं किया बल्कि भारत के ग्रामीण इलाकों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने वाले काम के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि “सत्ताधारी तानाशाह सरकार के इस ज़ुल्म के खिलाफ हम संसद से सड़क तक संघर्ष करेंगे।”
मोदी सरकार ने केवल राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का अपमान भर नहीं किया है बल्कि भारत के गाँवों में सामाजिक आर्थिक बदलाव लाने वाले काम के अधिकार को कुचलने का काम किया है।
सत्ताधारी तानाशाह सरकार के इस ज़ुल्म के खिलाफ़, हम संसद से सड़क तक संघर्ष करेंगे। pic.twitter.com/8Hrizqkaev
— Mallikarjun Kharge (@kharge) December 18, 2025
खरगे ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा महज नाम बदलने का नहीं है, बल्कि इसके खिलाफ एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
विकसित भारत–ग्राम जी विधेयक का विरोध
विपक्ष ने एमएनआरईजीए का नाम बदलकर ‘विकसित भारत–ग्राम जी (ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन)’ करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचारों और सरकार पर संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने के आरोप भी उठाए।

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संसद में भी लंबी बहस
इससे एक दिन पहले, लोकसभा में विकसित भारत–ग्राम जी संशोधन विधेयक पर करीब 14 घंटे तक बहस हुई। विपक्षी दलों ने विधेयक को संसदीय स्थायी समिति को भेजने की मांग की, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अहम कदम बताया।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने विधेयक की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता बताते हुए कहा कि लंबी बहस और बड़ी संख्या में सांसदों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि इस विधेयक पर गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस स्थायी समिति को इसे भेजने की मांग करती है।
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सांसदों की आलोचना और चिंता
- कांग्रेस सांसद वामसी कृष्ण गद्दाम ने सरकार पर अनावश्यक फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एमएनआरईजीए से महात्मा गांधी का नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
- उन्होंने केंद्र द्वारा 100 प्रतिशत वित्तपोषण के बजाय अब 40 प्रतिशत राशि राज्यों पर डालने के फैसले की भी आलोचना की।
- कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने विधेयक को जल्दबाजी में पारित करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार महात्मा गांधी का नाम मिटाकर देश के इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष का कहना है कि इस संशोधन से योजना कमजोर होगी और ग्रामीण रोजगार तथा आजीविका के अधिकारों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
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