केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बोले: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आज के समय में बच्चे को अच्छी परवरिश देना माता-पिता के लिए तपस्या होती है. आप सबने अपने हुनर, तपस्या और लगन से असंभव को संभव किया है. एक रोगी को स्वस्थ बनाना चिकित्सक के ऊपर होता है. इसीलिए कहा जाता है, कि चिकित्सक असंभव को भी संभव कर देते हैं.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि 1950 के दशक में एक कांसेप्ट के तहत नेशनल मेडिकल काउंसिल खोला गया. 20वीं सदी में सिर्फ एक ही संस्थान था. तब हम स्टूडेंट्स से पूछते थे, कि आप दूसरे देश क्यों जाते है? तब वह कहते थे, कि यहां सुविधा नहीं है. न इंफ्रास्ट्रक्चर है और न ही फैसिलिटीज हैं. इसलिए दूसरे देशों की ओर जाना पड़ता है. अब हमारे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर है, फैसिलिटीज और अपार्च्यूनिटीज भी हैं.
केजीएमयू का इतिहास: उत्तर प्रदेश अध्यक्ष और वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि आप सभी ने कड़ी मेहनत की है. पहले एंट्रेंस एग्जाम में फिर डिग्री की पढ़ाई में, आप सभी की जिंदगी में पढ़ाई कभी बंद नहीं होती है.
उन्होंने कहा कि केजीएमयू का गौरवशाली इतिहास रहा है. लाखों मरीजों का यहां इलाज किया जाता है. आपको मानवीय संवेदनाएं कभी समाप्त नहीं होने देना है. देश की चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर करने में आपको योगदान करना है.
प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज: यूपी के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज से आपका जीवन और चुनौतीपूर्ण हुआ है. आपने बहुत उतार-चढ़ाव इस राह में देखें होंगे. आपकी कड़ी मेहनत का नतीजा है, कि आज आप सभी को सम्मानित किया गया है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि केजीएमयू सिर्फ एक शिक्षण संस्थान ही नहीं बल्कि बड़ा मेडिकल कॉलेज है. 4500 बेड केजीएमयू में है. ट्रॉमा सेंटर में भी हजार बेड हैं. इमरजेंसी में मरीजों को बेहतर इलाज मिलता है.
उन्होंने कहा कि केजीएमयू का समृद्ध इतिहास रहा है. यहां लाखों की संख्या में मरीज इलाज कराने आते हैं. रोजाना 10 हजार मरीज ओपीडी पहुंचते हैं. ट्रॉमा सेंटर में 500 से अधिक गंभीर मरीजों का इलाज होता है. यूपी में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं.
एनएचएम द्वारा छोटे-छोटे आयुष्मान केंद्र, हेल्थ सेंटर खोले गए हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को वहीं इलाज मिल जाता है. रविवार को सभी अस्पतालों की ओपीडी बंद रहती है, तो हर रविवार को आरोग्य मंदिर कार्यक्रम आयोजित होता है, ताकि मरीज को रविवार को भी इलाज मिल सके.
केजीएमयू में बोन मैरो ट्रांसप्लांट: केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा 2025 में कुल 18 हजार 900 ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुए हैं. फिलहाल, यहां 62 डिपार्टमेंट हैं. इनमें 53 मेडिकल, 9 डेंटल विभाग हैं.
रोजाना 8 से 10 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं. इसके अलावा 500 मरीज रोज ट्रॉमा सेंटर में आते हैं. इस तरह से यह एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल भी है.