Madarsa Act पर योगी सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक, विशेष अधिकार होंगे खत्म

Madarsa Teachers Safety Bill: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मदरसा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अहम और लंबे समय से अटके फैसले को आगे बढ़ा दिया है। सरकार वर्ष 2016 में लाए गए मदरसा शिक्षक सुरक्षा बिल को औपचारिक रूप से वापस लेने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद उसे विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है।

यह बिल समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में पास किया गया था। बिल के तहत मदरसा शिक्षकों को जांच और दंडात्मक कार्रवाई से लगभग पूर्ण संरक्षण दिया गया था, जिससे उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई संभव नहीं थी।

क्यों विवादों में रहा मदरसा एक्ट?
मदरसा एक्ट को लेकर शुरू से ही संवैधानिक और प्रशासनिक सवाल उठते रहे। तत्कालीन राज्यपाल राम नायक ने इस बिल को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था और इसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया। बाद में राष्ट्रपति स्तर पर भी इसे स्वीकृति नहीं मिली। इसके बावजूद 2022 में दोबारा इसे विधानसभा में लाने का प्रयास किया गया, लेकिन विसंगतियों के कारण इसे फिर अस्वीकार कर दिया गया।

बिल वापसी से क्या होगा असर?
बिल के वापस होते ही मदरसा शिक्षकों पर लागू विशेष सुरक्षा प्रावधान समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद किसी भी आपराधिक या प्रशासनिक मामले में पुलिस जांच, एफआईआर और गिरफ्तारी संभव हो सकेगी। सरकार का मानना है कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और किसी भी वर्ग को विशेष छूट नहीं दी जा सकती।

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विपक्ष की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के विधायक हसन रूमी ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए बिल वापसी पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि सपा वंदे मातरम का सम्मान करती है और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुई हिंसा निंदनीय है, लेकिन मदरसा व्यवस्था को लेकर सरकार का कदम उचित नहीं है।

सरकार और सहयोगी दलों का पक्ष
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी बच्चों को समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यवस्था गलत है, उसे वापस लेना सरकार की जिम्मेदारी है।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मदरसा शिक्षक सुरक्षा बिल में गंभीर विसंगतियां थीं और इसे लंबे समय से लंबित रखा गया था।

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मंत्रियों और विधायकों की राय
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। वहीं भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहती है जो राष्ट्रभक्ति और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दे, न कि कट्टरता को।

मदरसा एक्ट की वापसी को योगी सरकार समान कानून और शिक्षा सुधार के बड़े एजेंडे के रूप में देख रही है। विपक्ष इसे अल्पसंख्यक राजनीति से जोड़कर देख रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा विधानसभा और सियासी मंचों पर तीखी बहस का कारण बन सकता है।

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