
Delhi Weather: धुंध में लिपटी राजधानी, अगले 6 दिन फिर बिगड़ सकती है हवा
Delhi Pollution Update: दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह घनी धुंध की चादर छाई रही। ठंड के साथ प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि आने वाले दिनों को लेकर चेतावनी जारी की गई है कि हालात फिर से बिगड़ सकते हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार,
- अक्षरधाम इलाके के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 230 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है।
- आनंद विहार क्षेत्र में AQI 292 रहा, जिसे भी ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया है।
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले छह दिनों में दिल्ली की हवा फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच सकती है। यानी फिलहाल जो राहत दिख रही है, वह अस्थायी हो सकती है।
दो हफ्ते के स्मॉग के बाद मिली अस्थायी राहत
करीब दो सप्ताह तक खतरनाक स्मॉग झेलने के बाद बुधवार को तेज हवाओं की वजह से प्रदूषण के स्तर में कुछ सुधार देखा गया।
CPCB के आंकड़ों के मुताबिक—
- दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI बुधवार को 271 रहा।
- मंगलवार शाम चार बजे यह 412 था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
अधिकारियों का कहना है कि दिन के समय 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली सतही हवाओं ने हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को फैलाने में मदद की, जिससे AQI में गिरावट आई।
कोहरे का असर: उड़ानें रद्द, कई में देरी
कोहरे और कम दृश्यता का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर बुधवार को—
- 11 आगमन उड़ानें रद्द की गईं
- 5 प्रस्थान उड़ानें रद्द हुईं
- कई अन्य उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी हुई
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, घने कोहरे और कम विजिबिलिटी की वजह से विमानों का संचालन प्रभावित हुआ, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार के कदम
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की है।
राजधानी में 6 नए हाईटेक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जिससे प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी और बेहतर हो सकेगी।
इसके साथ ही, दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (PWD) शहर में तैनात 200 एंटी-स्मॉग गन के कामकाज की दैनिक प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार करेगा।
- ये मशीनें दिल्ली के सभी 11 जोन में
- रोजाना 8-8 घंटे की शिफ्ट में चलाई जा रही हैं
- धूल प्रदूषण रोकने के लिए पानी के छिड़काव और अन्य उपायों की कड़ी निगरानी की जा रही है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मौसम और प्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवा की रफ्तार धीमी पड़ी और तापमान और गिरा, तो प्रदूषण फिर से गंभीर स्तर तक पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को धुंध, खराब दृश्यता और बिगड़ती हवा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
फिलहाल, राजधानी को मिली राहत को अस्थायी माना जा रहा है और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि प्रदूषण को दोबारा खतरनाक स्तर तक पहुंचने से कैसे रोका जाए।
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