“जी राम जी” पर राहुल का तीखा प्रहार, बोले- मनरेगा पर हमला ‘वन मैन शो’ का नतीजा

Rahul Gandhi PC: कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और इसके नाम व स्वरूप में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल, सांसद शशि थरूर सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

राहुल गांधी का बड़ा आरोप
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को खत्म करने या उसका नाम बदलने का फैसला बिना कैबिनेट से चर्चा किए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से लिया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला बिना किसी अध्ययन और सलाह-मशविरा के लिया गया है, जो गरीबों और राज्यों पर सीधा हमला है। राहुल गांधी ने इसे “वन मैन शो” बताते हुए कहा कि देश की नीतियां अब सामूहिक निर्णय के बजाय एक व्यक्ति के फैसलों पर चल रही हैं।

‘मनरेगा अधिकार आधारित अवधारणा थी’
VB-G RAM G योजना पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं थी, बल्कि यह एक अधिकार आधारित अवधारणा थी। इससे करोड़ों ग्रामीणों को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी मिली और पंचायती राज व्यवस्था को वित्तीय व राजनीतिक मजबूती मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अधिकारों की सोच और संघीय ढांचे पर हमला कर रही है। राज्यों से संसाधन छीनकर सत्ता और वित्त का केंद्रीकरण किया जा रहा है, जिसका नुकसान सीधे गरीब जनता को होगा।

नोटबंदी से की तुलना
राहुल गांधी ने मनरेगा से जुड़े फैसले की तुलना नोटबंदी से करते हुए कहा कि जैसे नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, वैसे ही यह फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नीतियों से आम लोगों को नुकसान और कुछ चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंच रहा है।

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कांग्रेस करेगी देशव्यापी आंदोलन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद कहा कि पार्टी ने मनरेगा को केंद्र में रखते हुए पूरे देश में आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने ऐलान किया कि 5 जनवरी से ‘MNREGA बचाओ अभियान’ शुरू किया जाएगा। खड़गे ने कहा कि MNREGA केवल एक योजना नहीं, बल्कि संविधान से मिला काम का अधिकार है और इसे कमजोर करने या गांधी जी का नाम हटाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।

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विपक्षी एकजुटता पर जोर
CWC बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि मनरेगा और VB-G RAM G योजना के मुद्दे पर विपक्षी दलों को एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक योजना की नहीं, बल्कि संविधान, संघवाद और गरीबों के अधिकारों की रक्षा की है।

CWC बैठक के बाद कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह मनरेगा के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाएगी। पार्टी इसे ग्रामीण भारत, गरीबों की आजीविका और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा बड़ा सवाल मानते हुए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष तेज करने की तैयारी में है।

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