
Oscars 2025: ऑस्कर की रेस में ये भारतीय फिल्मे, ‘कांतरा चैप्टर 1’ और ‘तन्वी द ग्रेट’ लिस्ट में शामिल
Oscars 2025: इस साल के 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स विनर्स की लिस्ट का बेसब्री से इंतजार हो रहा है, वहीं देश के लिए एक और गर्व की बात है। दो भारतीय फिल्मों ने सीधे तौर पर ऑस्कर्स की रेस में जगह बना ली है।
Oscars 2025: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और भारतीय सिनेमा की फिल्मों ने एक बार फिर कमाल कर दिया है, जिससे इस साल ऑस्कर घर लाने की उम्मीद बढ़ गई है। दो भारतीय फिल्में – ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1′ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ ने ग्लोबल पहचान के लिए एक स्ट्रेटेजिक तरीका अपनाया है और 98वें ऑस्कर की 201 फीचर फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो गई हैं। ‘टूरिस्ट फैमिली’, ‘महावतार नरसिम्हा’ और ‘सिस्टर मिडनाइट’ भी इस लिस्ट में अपनी जगह बना चुकी है। भारत की ऑफिशियल एंट्री नहीं होने के बावजूद, जनरल कैटेगरी से इन दोनों भारतीय फिल्मों ने ऑस्कर्स में जगह बनाई है।
इन 5 फिल्मों पर टिकी हैं भारत की नजरें
1.कांतारा चैप्टर 1
ऋषभ शेट्टी की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई है. अपनी जड़ों से जुड़ी कहानी के साथ क्या ये फिल्म ‘आरआरआर’ वाला जादू दोहरा पाएगी? ये जानने इ लिए फैंस उत्सुक हैं.
2.दशावतार
मराठी फिल्म ‘दशावतार’ भी कांतारा की तरह जड़ों से जुड़ी हुई है. कोंकण की पुरानी लोककला और दिन ब दिन सरदर्द बन रहा माइनिंग बिजनेस इन दोनों से कनेक्ट करने वाली कहानी इस मराठी फिल्म में पेश की गई है. दशावतार की ऑस्कर एंट्री ने सभी को चौंका दिया है.
3.तन्वी द ग्रेट
अनुपम खेर के निर्देशन में बनी इस फिल्म की चर्चा इसकी सादगी और इमोशन्स के लिए हो रही है. इस फिल्म को ‘दिल को छू लेने वाला सिनेमा’ कह सकते हैं. इस फिल्म का निर्देशन मशहूर एक्टर अनुपम खेर ने किया है.
4. होमबाउंड
फिल्म ‘होमबाउंड’ इस साल की भारत की ऑफिशियल ऑस्कर एंट्री है. करण जौहर के ‘धर्मा प्रोडक्शन’ ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है. ईशान खट्टर, जान्हवी कपूर और विशाल जेठवा इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
5.सिस्टर मिडनाइट
भले ही ‘सिस्टर मिडनाइट’ को यूके (UK) के प्रोडक्शन हाउस ने बनाया है लेकिन ये भारतीय कहानी है, जिसे ब्रिटिश इंडियन फिल्म डायरेक्टर करण कंधारी ने डायरेक्ट किया है और राधिका आप्टे, अशोक पाठक, छाया कदम इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
लिस्ट में नाम होना जीत की पहली सीढ़ी है. अब देखना ये होगा कि इनमें से कौन सी फिल्में नॉमिनेशन की आखिरी लिस्ट तक पहुंच पाती हैं. दरअसल, एकेडमी के नए ‘विविधता मानकों’ (रेज स्टैंडर्ड्स) को पूरा करने के लिए एक फॉर्म भरना होता है. कई डॉक्यूमेंट्री और एनिमेटेड फिल्मों के मेकर्स ने शायद इस रेस में न उतरने का फैसला किया, जिसके चलते ‘के पॉप डेमन हन्टर्स’ जैसी बड़ी एनिमेटेड फिल्म भी मुख्य लिस्ट से बाहर है. लेकिन इस साल की लिस्ट में भारत का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है.





