
ISRO का PSLV C62 मिशन फेल…तीसरे स्टेज में रास्ते से भटका सैटेलाइट
ISRO PSLV C62 Launch: इसरो ने PSLV-C62/EOS-N1 मिशन के तहत DRDO द्वारा विकसित गोपनीय हाइपरस्पेक्ट्रल निगरानी उपग्रह ‘अन्वेषा’ का प्रक्षेपण किया। लेकिन, मिशन में PS3 स्टेज पर आई तकनीकी खराबी आ गई है।
ISRO PSLV C62 Launch: इसरो (ISRO) के PSLV-C62 मिशन को बड़ा झटका लगा है। PSLV-C62 लॉन्च के तीसरे चरण (PS3) में एक अड़चन (anomaly) देखी गई जिससे उड़ान पथ में रुकावट आ गई। इसरो का कहना है कि तीसरी स्टेज में सैटेलाइट रास्ते से भटक गया जिसके चलते उपग्रहों को अपेक्षित कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। इसके बाद इसरो ने विस्तृत विश्लेषण शुरू कर दिया है। गौर करने वाली बात है कि मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था लेकिन सैटेलाइट की तैनाती नहीं हो पाई।
हाइपरस्पेक्ट्रल क्या होता है?
अन्वेषा सैटेलाइट में लगी हाइपरस्पेक्ट्रल तकनीक जंगलों की गहराई से लेकर युद्ध के मैदान में छिपी छोटी से छोटी चीज को भी ढूंढ निकाल सकती है। यह न सिर्फ फोटो क्लिक करती, बल्कि रोशनी के उन रंगों को भी देख लेती है जिन्हें इंसान की आंखें नहीं देख सकतीं। यह साधारण सैटेलाइट तस्वीरों को एक जासूसी कैमरे में बदल देती है। इस खास तकनीक को हाइपरस्पेक्ट्रल कहा जाता है।
Liftoff!
PSLV-C62 launches the EOS-N1 Mission from SDSC-SHAR, Sriharikota.
Livestream link: https://t.co/fMiIFTUGpf
For more information Visit:https://t.co/3ijojDaYB2
#PSLVC62 #EOSN1 #ISRO #NSIL— ISRO (@isro) January 12, 2026
PSLV रॉकेट की कुल 64वीं उड़ान
PSLV दुनिया के सबसे भरोसेमंद लॉन्च वाहनों में गिना जाता है. इससे चंद्रयान-1, मंगलयान और आदित्य-L1 जैसे मिशन लॉन्च किए गए हैं. यह PSLV रॉकेट की कुल 64वीं उड़ान भी है. यह भारत का 9वां कॉमर्शियल मिशन है, जिसे अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट बनाने और उसके लॉन्च के लिए किया गया है.
यह भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार किसी भारतीय निजी कंपनी ने PSLV मिशन में इतनी बड़ी हिस्सेदारी की है. इस मिशन को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) ने ऑपरेट किया है, जो ISRO की कॉमर्शियल इकाई है.
सटीक निगरानी के लिए अन्वेषा सैटेलाइट जरूरी
इस मिशन में अन्वेषा सैटेलाइट भी है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है. यह एडवांस्ड इमेजिंग फीचर्स से लैस एक खुफिया सैटेलाइट है, जिसका मकसद सटीक निगरानी और मैपिंग करना है. यह अंतरिक्ष में होने के बावजूद झाड़ी, जंगलों या बंकरों में छिपे दुश्मनों की तस्वीरें खींच सकता है.

भारत की पहली ऑर्बिटल AI इमेज सैटेलाइट
MOI-1 इस मिशन का सबसे खास सैटेलाइट है. यह भारत की पहली ऑर्बिटल AI इमेज लैब है, जिसे हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनियों टेक मी टू स्पेस और इऑन स्पेस लैब ने मिलकर तैयार किया है. MOI-1 सैटेलाइट एक तरह का ‘स्पेस क्लाउड’ है, जिससे लोग सीधे सैटेलाइट पर अपने एक्सपेरिमेंट्स कर सकेंगे.
हालांकि, PSLV-C62 मिशन में PS3 स्टेज के आखिर में कुछ गड़बड़ी आ गई। ISRO के PSLV C62 अन्वेषा लॉन्च के स्टेज 3 में कुछ दिक्कत दिखने लगी। इसे घूमते हुए देखा गया। पिछली लॉन्च में भी यही स्टेज फेल हो गया था। अब मिशन का क्या होगा, पक्का नहीं कह सकते। इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।




