
विराट हिन्दू सम्मेलन में एकता, समरसता, सांस्कृतिक जागरण का संकल्प
UP News: सकल हिंदू समाज एवं सनातन इकाना बस्ती विविध होटल के बगल विशाल ग्राउंड में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। विराट हिन्दू सम्मेलन में एकता, समरसता, सांस्कृतिक जागरण का संकल्प लिया गया।
इकाना बस्ती लखनऊ मे संतों, समाजसेवियों और स्वयंसेवकों की उपस्थिति में हिन्दू सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। सम्मेलन में संतों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्धजनों के प्रेरक उद्बोधनों से हिन्दू समाज में एकता, समरसता और सांस्कृतिक जागरण का संदिश प्रसारित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूज्य महंत श्री सिद्धेश्वरा नंद गिरि जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि आध्यात्मिक चेतना ही समाज को दिशा देती है। उनके विचारों से उपस्थित जनसमूह में उल्लास, ऊर्जा और आत्मबोध की भावना जागृत हुई।
महराज जी ने श्रीमद्भगवद्रीता के उपदेशों के माध्यम हिन्दू समाज में एकता, सामाजिक समरसता और भेदभाव के उन्मूलन पर बल दिया। उनके प्रवचन से बोतागण भावविभोर हो उठे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्य वक्ता अनिल जीने हिन्दू समाज को संगठित होने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन, अनुशासन और परस्पर सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एकजुट समाज ही प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का सामना कर सकता है।

हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे डाॅ शशिकान्त तिवारी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज हिन्दू समाज से हुआछूत, ऊँच नीच और जातिगत भेदभाव को समाप्त कर समता मूलक समान हिन्दू समाज की स्थापना का संकल्प लेने की आवश्यकता का आह्वान किया। आज हिन्दू समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से जुड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से सामाजिक, सांस्कृतिक और आत्मरक्षा के प्रति सजग रहने का आग्रह किया।
विशिष्ट अतिथि पुर्व कुलपति डॉ ए के शुकला ने हिन्दूत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समरस परिवार, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव, सामाजिक दायित्व और संविधान में निहित कर्तव्यों का पालन ही सशक्त राष्ट्र की नींव है। विशिष्ट अतिथि पुर्व कुलपति डॉ अमरीक सिंह ने हिन्दूओ के एकजुट होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में श्री गिरीश मिश्र उपाध्यक्ष ललित कला एकादमी , डॉ देवेश गुप्ता नगर संचालक, श्री दौलत जी नगर प्रचारक, अरविंद त्रिपाठी, करुणाशकर, डा पवन मौर्य सहित अनेक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामकरण वर्मा, संतोष सिंह, मनीष तिवारी, अनन्त बहादुर सिंह, राजेश तिवारी, गोविन्द मिश्रा, सुनील श्रीवास्तव, जर्नादन सिंह, विवेक सिंह, सतेन्द्र जी, धर्मेंद्र सिंह जी ,शिव बक्श सिंह, वृष्टि जी एवं गोकुल बिहार,एकता नगर, पृथ्वी पुरम से सभी सम्मानित जनता के अथक परिश्रम और सुव्यवस्थित संचालन से यह सम्मेलन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।





