
UGC नियमों पर बृजभूषण शरण सिंह की चेतावनी, बोले– यह कानून टकराव बढ़ाएगा…
UGC Act Protest: यूजीसी (UGC) मामले में अब पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी पोस्ट किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके UGC नियमों को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि है कि यह नियम समाज में विघटन फैलाने वाले हैं.
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने वीडियो पोस्ट के माध्यम से कहा कि सरकार इस नियम को वापस ले. जरुरत पड़ी तो नियम के खिलाफ आंदोलन करेंगे. उन्होंने अपने पैतृक आवास विष्णोहरपुर में घर के बच्चों के साथ खेल रहे अन्य समाज के बच्चों का वीडियो शेयर करते हुए UGC नियमों का विरोध किया है.
विडियो पोस्ट कर कही बात: उन्होंने वीडियो में कहा कि ‘मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि वह समझें कि समाज कैसे चलता है? ऑफिस में बैठकर समाज को नहीं चलाया जा सकता. समाज को चलाना है तो गांव आइए और गांव में देखिए कि बिना भेदभाव के, बिना किसी जातीय रंग के एक साथ बच्चे खेलते हैं.’
यूजीसी (UGC) पर मेरे विचार।#BrijBhushanSharanSingh pic.twitter.com/RgEo0XDBA1
— BrijBhushan Sharan Singh (@b_bhushansharan) January 28, 2026
‘कोई बच्चा किसी की जाति नहीं पूछता है. क्या आप चाहते हैं कि भविष्य में विघटन पैदा हो? ऐसा आप माहौल खड़ा कर रहे हैं. कोई बच्चा गलती करता है जो क्षमा करने योग्य नहीं है, तो उसको आप सजा दीजिए. यदा-कदा घटनाएं घट जाती हैं, सजा दीजिए, उसमें कोई विरोध नहीं है.’
‘यह कानून समाज में टकराव पैदा करेगा. इसीलिए आज कई दिन से मेरे ऊपर दबाव पड़ रहा था कि बोलो, बोलो. इसके पहले आपने बहुत से कानून बनाए दलित उत्पीड़न, महिला अत्याचार के खिलाफ, दहेज के खिलाफ लेकिन क्या यह सब रुक गया? रुका तो नहीं दुरपयोग ज्यादा हुआ.’
करन भूषण भी कर चुके हैं विरोध: बृजभूषण शरण सिंह के बेटे और सांसद करन भूषण भी UGC नियमों का विरोध कर चुके हैं. यूजीसी नियम बनाने वाली कमेटी के सदस्य करन भूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘मैं इस स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य हूं लेकिन मेरा इन नियमों निर्माण में कोई योगदान नहीं है. मेरी भावना अपने समाज के लिए है. हमारी मांग है कि UGC अपने इस नियम पर फिर से विचार करते हुए जनभावना का सम्मान करे.’
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पूर्व सांसद ने कहा कि ‘ऐसे कानूनों की तो समीक्षा की बात होनी चाहिए. अब आप चाहते हैं कि बच्चे अगर दोस्ती करें, तो जाति देखकर करें, वर्ग देखकर करें? तो मैं इस कानून के पूर्णतः विरोध में हूं. अगर जरूरत पड़ेगी तो आंदोलन करेंगे.’





