
लखनऊ में UGC रेगुलेशंस मार्च पर सियासी बवाल… पल्लवी पटेल बनाम पुलिस
UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में UGC रेगुलेशंस के समर्थन में निकाले जा रहे पैदल मार्च के दौरान उस समय सियासी और सामाजिक तनाव बढ़ गया, जब अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पल्लवी पटेल के साथ पुलिस की कथित बदसलूकी का मामला सामने आया। आरोप है कि मार्च को रोकने के दौरान पुलिसकर्मियों ने विधायक के बाल पकड़कर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का तीखा विरोध किया। आरोप है कि जिस समय विधायक पल्लवी पटेल के साथ यह व्यवहार किया गया, उसी दौरान आसपास मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और स्थिति को संभालने के बजाय तमाशा देखते रहे।
UGC रेगुलेशंस के समर्थन में निकाला गया था मार्च
जानकारी के मुताबिक, पल्लवी पटेल शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ UGC रेगुलेशंस के समर्थन में शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाल रही थीं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ये रेगुलेशंस उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे और शिक्षकों व छात्रों के हित में हैं। हालांकि प्रशासन ने मार्च की अनुमति को लेकर आपत्ति जताई और रास्ते में ही पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की।
पुलिस पर गंभीर आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिस ने अचानक सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इसी दौरान विधायक पल्लवी पटेल के साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्हें बाल पकड़कर पुलिस वाहन में बैठाया गया। इस घटना को लेकर महिला सम्मान और जनप्रतिनिधियों की गरिमा से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा हो गया है।
यह भी पढ़ें…
मुर्शिदाबाद कूच से पहले हंगामा… लखनऊ में रोके गए VHRP के कार्यकर्ता, अध्यक्ष हाउस अरेस्ट
विधायक और समर्थकों का आरोप
घटना के बाद पल्लवी पटेल के समर्थकों ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि एक निर्वाचित महिला विधायक के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक हलकों में उबाल
इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा है। नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया और कहा कि जब जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें…
दालमंडी में बुलडोजर एक्शन के दौरान आगजनी, पुलिस और मीडिया बाल-बाल बचे
पुलिस का पक्ष
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि मार्च बिना अनुमति निकाला जा रहा था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। बावजूद इसके, वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यह भी पढ़ें…
Lucknow Airport पर कुकीज़ के डिब्बों में मिला गांजा, कस्टम विभाग ने किया गिरफ्तार
BREAKING 🚨
लखनऊ में UGC रेगुलेशंस के समर्थन में पैदल मार्च निकाल रही विधायिका “पल्लवी पटेल” को पुलिस ने बाल पकड़कर गाड़ी में बैठाया.
जब इसका विरोध हो रहा है तो यही पुलिस तमाशा देख रही थी. pic.twitter.com/StgYfP6SwX
— Nitin Prajapati (@Prajapat204) February 10, 2026





