
UP Elections से पहले संघ एक्टिव! सीएम योगी और आरएसएस चीफ की अहम मुलाकात
CM Yogi Meet Mohan Bhagwat: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत से मुलाकात की। निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में हुई इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है।
ये मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। जिसमें प्रदेश के सियासी और सामाजिक हालात को लेकर बातचीत हुई। इसके साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष में होने वाले कार्यक्रमों व आगामी योजना-रचना को लेकर भी चर्चा होने की खबर है। हालांकि मौजूदा परिदृश्य में इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात पर विस्तार से बातचीत हुई। सीएम ने उन्हें मौजूदा राजनैतिक परिदृश्य के साथ ही सरकार के कामकाज और विकास योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही संगठन के सहयोग से चल रहे सामाजिक कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
बताया जा रहा है कि सरकार और संघ के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई, ताकि आगामी चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई जा सके।
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संघ के शताब्दी वर्ष पर भी मंथन
इस दौरान संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न जिलों में बड़े आयोजनों और जनसंपर्क अभियानों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। संघ से जुड़े सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
चुनावी रणनीति के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात चुनावी तैयारियों का हिस्सा हो सकती है। उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ दल और संघ के बीच तालमेल पहले भी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की दिशा में इस बैठक को अहम माना जा रहा है।
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विपक्ष का आरोप
विपक्षी दलों ने इस मुलाकात पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार और संघ के बीच राजनीतिक एजेंडे को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि यह शिष्टाचार भेंट थी और इसमें सामाजिक व सांस्कृतिक विषयों पर बातचीत हुई।
आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति और तेज होने के संकेत हैं। माना जा रहा है कि अलग-अलग दलों की चुनावी रणनीतियों के साथ संगठनात्मक बैठकों का दौर भी जारी रहेगा।
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