उन्नाव केस में दोषियों की बढ़ सकती है सजा? हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस

Unnao Custodial Death Case: उन्नाव दुष्कर्म और हिरासत में मौत से जुड़े बहुचर्चित मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, केंद्रीय जांच एजेंसी CBI और अन्य दोषियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

यह कार्रवाई पीड़िता द्वारा दायर उस याचिका पर की गई है, जिसमें दोषियों की सजा बढ़ाने की मांग की गई है। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए अगली सुनवाई 2 मार्च को तय की है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2017 में सामने आया था, जब उन्नाव की एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के बहाने उसे सेंगर के घर ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। यह आरोप सामने आने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया और राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई।

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि न्याय की मांग करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी गईं। 3 अप्रैल 2018 को जब पीड़िता अपने परिवार के साथ अदालत में सुनवाई के लिए उन्नाव पहुंची, उसी दौरान उसके पिता को पुलिस हिरासत में लिया गया। आरोप है कि हिरासत में मारपीट के बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया और मामले ने नया मोड़ ले लिया।

सजा बढ़ाने की मांग क्यों?
पीड़िता ने अपनी याचिका में कहा है कि दोषियों को मिली सजा इस गंभीर अपराध के अनुपात में कम है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि हिरासत में मौत के मामले में सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि यह एक मिसाल बन सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

याचिका में यह भी कहा गया है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि पुलिस हिरासत में मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। इसलिए अदालत को इस मामले में कठोर दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

यह भी पढ़ें…

UP Elections से पहले संघ एक्टिव! सीएम योगी और आरएसएस चीफ की अहम मुलाकात

CBI की भूमिका पर भी सवाल
इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई थी। अब याचिका में जांच एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया गया।

इसी कारण अदालत ने CBI से भी जवाब मांगा है कि जांच और अभियोजन प्रक्रिया में क्या कदम उठाए गए और दोषियों के खिलाफ सजा सुनिश्चित करने के लिए क्या प्रयास किए गए।

पहले भी सुर्खियों में रहा मामला
यह मामला लंबे समय तक राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा। सेंगर को दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है और वह 13 अप्रैल 2018 से जेल में बंद हैं। इसके अलावा सड़क हादसे, धमकी और पीड़िता के परिवार पर हमले जैसे कई आरोपों ने इस केस को और संवेदनशील बना दिया था।

यह भी पढ़ें…

यूपी विधानसभा बना अखाड़ा! पक्ष और विपक्ष में तीखी झड़प और हाथापाई…

अगली सुनवाई पर नजर
अब सभी पक्षों को नोटिस जारी होने के बाद अदालत में विस्तृत सुनवाई होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल इस मामले, बल्कि हिरासत में होने वाली मौतों और मानवाधिकार संरक्षण के मामलों के लिए भी अहम नजीर साबित हो सकता है।

देशभर में इस मामले पर नजर बनी हुई है और पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हुई है।

यह भी पढ़ें…

इटावा में बोर्ड परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, भाई की जगह परीक्षा देता युवक अरेस्ट…

Back to top button