लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्राओं का बवाल; खाना खाते ही बेहोश हुई छात्रा…

UP News: लखनऊ विश्वविद्यालय के गंगा गर्ल्स हॉस्टल में मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार देर रात लॉ थर्ड ईयर की एक छात्रा मेस का खाना खाने के कुछ ही देर बाद अचानक बीमार हो गई। उल्टियां और दस्त शुरू होने के बाद छात्रा बेहोश हो गई, जिससे हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। साथी छात्राओं ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


खाना खाते ही बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

छात्राओं के अनुसार, रात के खाने में दी गई सब्जी और रोटी खाने के कुछ मिनट बाद ही पीड़िता की तबीयत खराब होने लगी। पहले उसे उल्टियां हुईं और फिर वह बेहोश हो गई। घटना की सूचना मिलते ही हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राएं एकत्र हो गईं और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने लगीं।


मेस के खाने की गुणवत्ता पर लंबे समय से उठ रहे सवाल

प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल मेस में पिछले कई महीनों से बेहद खराब गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाने में अत्यधिक तेल, खराब मसाले और निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।
छात्राओं का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार शिकायत भी की, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।


मेस संचालक को हटाने और जांच की मांग

घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं हॉस्टल परिसर में धरने पर बैठ गईं और मेस संचालक को तुरंत हटाने की मांग की। छात्राओं ने यह भी मांग की कि भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन

हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार हॉस्टल प्रोवोस्ट ने छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मेस व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

यह घटना विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में मेस व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। छात्राओं का कहना है कि भारी फीस देने के बावजूद उन्हें सुरक्षित और पौष्टिक भोजन नहीं मिल रहा है। फिलहाल छात्राओं का प्रदर्शन जारी है और सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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