
योगी सरकार की फ्री कोचिंग स्कीम का जलवा, 6 छात्रों का UPSC परीक्षा में चयन
UPSC Result 2026: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की योगी सरकार की फ्री कोचिंग स्कीम ने जलवा बिखेरा है। अभ्युदय योजना के 6 छात्रों का UPSC में चयन हुआ है।
UPSC Result 2026: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर अपने प्रभावशाली परिणामों के साथ सामने आई है। प्रदेश सरकार के अनुसार, इस योजना से जुड़े छह अभ्यर्थियों ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2025 में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत निशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
भागीदारी भवन की कोचिंग से जुड़े अभ्यर्थियों ने पाई सफलता
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित लखनऊ के भागीदारी भवन में आवासीय कोचिंग और ‘मॉक इंटरव्यू’ कार्यक्रम चलाया जाता है। इसी कार्यक्रम से जुड़े छह अभ्यर्थियों ने इस बार यूपीएससी की अंतिम सूची में जगह बनाई है।
इन सफल अभ्यर्थियों में शामिल हैं:
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विमल कुमार – 107वीं रैंक
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विपिन देव यादव – 316वीं रैंक
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मानसी – 444वीं रैंक
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महेश जायसवाल – 590वीं रैंक
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अदिति सिंह – 859वीं रैंक
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तनीषा सिंह – 930वीं रैंक
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, इनमें से कुछ अभ्यर्थियों ने आवासीय कोचिंग से प्रशिक्षण लिया, जबकि कुछ ने अभ्युदय योजना के अंतर्गत आयोजित मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम में भाग लिया था।
मंत्री असीम अरुण ने दी बधाई
प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Asim Arun ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को भी सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि अभ्युदय योजना ऐसे युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार खोल रही है, जो संसाधनों की कमी के कारण महंगी कोचिंग नहीं कर पाते।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिल रहा मजबूत आधार
सरकार के अनुसार, अभ्युदय योजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार मिल रहा है। इससे न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में उत्तर प्रदेश की भागीदारी भी लगातार मजबूत हो रही है।
इस योजना के तहत विशेषज्ञ शिक्षकों के साथ-साथ वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारी भी अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देते हैं, जिससे छात्रों को वास्तविक परीक्षा और इंटरव्यू की बेहतर समझ मिलती है।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मुफ्त सुविधाएं
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस आवासीय कोचिंग में छात्रों को कई सुविधाएं निशुल्क दी जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:
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मुफ्त आवास और भोजन
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पुस्तकालय और अध्ययन सामग्री
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ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं
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विशेषज्ञों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का मार्गदर्शन
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मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए विशेष सत्र
इन सुविधाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की सफलता के रास्ते में बाधा न बने।





