
Om Birla के समर्थन में क्यों नहीं दिखे PM Modi? संसद में कांग्रेस का सरकार पर वार
Parliament Session: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान लोकसभा में राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुधवार को सदन में जोरदार बहस होने के आसार हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, जबकि सत्तापक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah आज लोकसभा में चर्चा में हिस्सा लेंगे और सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे। माना जा रहा है कि उनके बयान के बाद सदन में बहस और तीखी हो सकती है।
विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
विपक्षी दलों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ओम बिरला ने कई मौकों पर निष्पक्षता नहीं दिखाई और सरकार के पक्ष में काम किया। विपक्ष का कहना है कि सदन के संचालन में संतुलन और निष्पक्षता बेहद जरूरी होती है, लेकिन हाल के समय में कई फैसले ऐसे रहे हैं जिनसे विपक्ष खुद को असहज महसूस कर रहा है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जाता और कई मुद्दों पर सरकार को खुलकर फायदा पहुंचाया जाता है। इसी कारण विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है।
सरकार ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि ओम बिरला ने हमेशा संसदीय परंपराओं और नियमों के अनुसार ही सदन का संचालन किया है। सरकार का कहना है कि विपक्ष संसद में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए इस मुद्दे को बेवजह तूल दे रहा है।
सरकार के नेताओं का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष की गरिमा पर इस तरह का आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है और विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
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प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी पर भी उठे सवाल
इस पूरे विवाद के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi के सदन में मौजूद न रहने को लेकर भी विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ इतना बड़ा मुद्दा उठाया गया है, तब प्रधानमंत्री को खुद सदन में मौजूद रहकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।
हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री के पहले से तय कार्यक्रम थे, जिसकी वजह से वह चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित नहीं हो सके।
मंगलवार को भी हुआ था जोरदार हंगामा
इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को भी संसद में जमकर हंगामा हुआ था। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा था। बाद में दोनों सदनों की बैठक बुधवार तक के लिए टाल दी गई थी।
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आज की कार्यवाही पर सबकी नजर
बुधवार को जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी तो लोकसभा में इस मुद्दे पर जोरदार बहस होने की संभावना है। खास तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर सबकी नजरें टिकी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केवल संसद की कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में भी इसकी गूंज सुनाई दे सकती है। विपक्ष इसे सरकार की जवाबदेही का मुद्दा बना रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है।
ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस बहस का संसद की कार्यवाही और देश की राजनीति पर आगे क्या असर पड़ता है।
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