Stock Market: फिर धड़ाम से गिरा शेयर बाजार, ताश के पत्तों की तरह बिखरे स्टॉक

Stock Market Crash Amid Oil-LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच गहराए तेल-गैस संकट ने एक बार फिर दुनियाभर के शेयर बाजारों को हिला डाला है. में भी इस Oil Strike का बड़ा असर दिखा और खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए.

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी 50 बुरी तरह लुढ़क गए। सेंसेक्स में जहां 900 अंक से ज्यादा की गिरावट आई तो वहीं निफ्टी 50 भी 300 अंक गिर गया। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को भी सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा लुढ़का था।

गुरुवार को सेंसेक्स 494 अंकों की गिरावट के साथ खुला। कुछ ही देर में इसमें 992 अंक तक की गिरावट आ गई। सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 823.30 अंकों की गिरावट के साथ 76,040.41 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 गुरुवार को 192 अंकों की गिरावट के साथ खुला था। शुरुआती आधे घंटे में यह 310 अंक गिर गया। 9:30 बजे निफ्टी 271.20 अंकों की गिरावट के साथ 23,595.65 अंकों पर कारोबार कर रहा था।

बाजार खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश

आज सुबह जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े गैप के साथ नीचे गिरे.सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स (Sensex) 983.86 अंक (1.28%) टूटकर 75,879.85 के स्तर पर आ गया.निफ्टी (Nifty 50) में भी 303.60 अंकों (1.27%) की भारी गिरावट देखी गई और यह 23,563.25 पर पहुंच गया.

इन सेक्टर में सबसे अधिक बिकवाली

शुरुआती कारोबार में बाजार में करीब सभी इंडेक्स लाल निशान में थे. ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग में सबसे अधिक बिकवाली नजर आई. लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,070 अंक या 1.90 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 55,390 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 286 अंक या 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,127 पर था.

बाजार में गिरावट के बावजूद टेक महिंद्रा और HCL टेक चढ़े

सेंसेक्स पर लिस्टेड शेयरों में इटरनल, इंडिगो, एमएंडएम, टाटा स्टील, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, एलएंडटी, मारुति सुजुकी,बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, बीईएल, आईटीसी, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक लूजर्स थे.वहीं, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक गेनर्स थे.

क्यों टूट रहा है बाजार?

1. कच्चे तेल की कीमतों में आग

ईरान युद्ध और समुद्री रास्तों (Strait of Hormuz) पर जहाजों पर हमलों की खबरों से कच्चे तेल के दाम अचानक 7% से ज्यादा उछल गए हैं. ब्रेंट क्रूड $99 के करीब पहुंच गया है. भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बहुत बुरी खबर है.

2.ग्लोबल मार्केट का बुरा हालभारतीय

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों में गिरावट है. जापान का Nikkei 1.6% गिर गया है, वहीं हॉन्गकॉन्ग, शंघाई और ताइवान के बाजार भी लाल निशान में हैं. अमेरिका के Nasdaq और S&P 500 फ्यूचर्स में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है. इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर बी देखा जा रहा है.

3. महंगाई और ब्याज दरों का डर

तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है.कच्चा तेल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाता है, जिससे फल-सब्जियों से लेकर घर की हर जरूरत का सामान महंगा होने लगता है.जब महंगाई बढ़ती है, तो उसे कंट्रोल करने के लिए बैंक ब्याज दरें बढ़ा देते हैं जिससे आने वाले समय में कर्ज और भी महंगा हो सकता है.

कल भी डूबे थे निवेशकों के पैसे

बाजार में यह गिरावट आज से ही शुरू नहीं हुई है. कल यानी 11 मार्च को भी बाजार में ‘ब्लैक वेडनेसडे’ जैसा माहौल था.कल  बुधवार को की क्लोजिंग के दौरान सेंसेक्स 1,342 अंक और निफ्टी 394 अंक गिरकर बंद हुए थे. यानी लगातार दो दिनों से निवेशकों को भारी चपत लग रही है.

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