
जेवर एयरपोर्ट से बदल जाएगी सफर की तस्वीर, बनेगा मल्टीमॉडल हब…
Jewar Airport News: ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए चोला रेलवे स्टेशन को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना से यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही तेज, आसान और एकीकृत परिवहन सुविधा मिलेगी।
🚄 हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का मिलेगा लाभ
योजना के तहत चोला रेलवे स्टेशन को दिल्ली-मुंबई रूट समेत देश के प्रमुख रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे एयरपोर्ट से उतरने वाले यात्री सीधे वंदे भारत और अन्य हाई-स्पीड ट्रेनों का लाभ उठा सकेंगे।
📍 19 किमी दूरी, सफर होगा आसान
चोला रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट से करीब 19 किलोमीटर दूर है, जिसे तय करने में फिलहाल लगभग एक घंटे का समय लगता है। परियोजना पूरी होने के बाद यह समय काफी कम हो जाएगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।
🌆 इन शहरों को होगा सीधा फायदा
इस मल्टीमॉडल हब से बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़, टप्पल, मथुरा, वृंदावन, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और हापुड़ जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
साथ ही दिल्ली-NCR के फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ और गाजियाबाद की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
🚌 एक ही जगह से मिलेंगी सभी सुविधाएं
एयरपोर्ट के पास एक बड़ा ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर बनाया जाएगा, जहां से बस, टैक्सी, मेट्रो और रेल सेवाएं एक ही स्थान से उपलब्ध होंगी। इससे यात्रियों को अलग-अलग साधनों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
💰 300 करोड़ का बजट प्रस्तावित
यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार के अनुसार, इस परियोजना के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जिसे हाल ही में मंजूरी मिल चुकी है।
🛤️ 61 किमी नई रेलवे लाइन बिछेगी
परियोजना के तहत चोला से रबूपुरा के बीच करीब 61 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इससे यात्री ट्रेनों के साथ-साथ माल ढुलाई भी आसान होगी।
🏗️ 2400 करोड़ की मेगा योजना, 3 साल में लक्ष्य
पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 2400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और लगभग 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
✈️ पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बूस्ट
इस परियोजना से विदेशी पर्यटकों को आगरा, मथुरा और वृंदावन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। साथ ही जेवर क्षेत्र एक बड़ा ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब बनकर उभरेगा।





