
ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा दावा, अमेरिका ने हासिल की जीत, फिर दी कड़ी चेतावनी
US Israel Iran War: पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान-इजराइल संघर्ष अब 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच Donald Trump ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ने इस युद्ध में अपने अधिकांश लक्ष्यों को हासिल कर लिया है और “बड़ी जीत” दर्ज की है।
ट्रंप की चेतावनी: ‘डील नहीं हुई तो बड़ा हमला’
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले 2-3 हफ्तों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका और भी बड़ा सैन्य हमला करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को “स्टोन एज” में पहुंचाने की क्षमता रखता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त होते ही वैश्विक तेल सप्लाई सामान्य होगी और गैस व स्टॉक मार्केट में तेजी लौटेगी।
इजराइल और ईरान के बयान
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि ईरान के खिलाफ संयुक्त अभियान ने मिडिल ईस्ट का चेहरा बदल दिया है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने संकेत दिया कि तेहरान युद्ध समाप्त करने को तैयार है, बशर्ते भविष्य में हमलों की गारंटी दी जाए।
लेबनान में हमले, हिज़्बुल्लाह कमांडर निशाने पर
लेबनान की राजधानी बेरूत और आसपास के इलाकों में इजराइली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत की खबर है। इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने एक वरिष्ठ हिज़्बुल्लाह कमांडर को निशाना बनाया है।
पाकिस्तान की पहल: वार्ता की पेशकश
Pakistan ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कराने की पेशकश की है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस्लामाबाद दोनों देशों के बीच “सार्थक और निर्णायक बातचीत” की मेजबानी के लिए तैयार है, ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।
ईरान का जवाबी हमला
ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान की सेना ने जॉर्डन स्थित अज़राक एयरबेस को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी लड़ाकू विमान तैनात हैं। यह बेस पश्चिम एशिया में अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र माना जाता है।
होर्मुज संकट पर 35 देशों की बैठक, भारत को न्योता
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। इसी संकट के समाधान के लिए 35 देशों की एक अहम बैठक बुलाई गई है। United Kingdom की पहल पर आयोजित इस बैठक में India को भी शामिल होने का न्योता मिला है। भारत की ओर से विदेश सचिव वर्चुअल माध्यम से इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना और वैश्विक तेल सप्लाई को सामान्य करना है, जिससे बढ़ते आर्थिक संकट को कम किया जा सके।





