UP News: बच्चों के लिए योगी सरकार ने शुरू किया नया अभियान, 15 अप्रैल तक का समय

UP News: लखनऊ में परिषदीय विद्यालयों में “स्कूल चलो अभियान” के तहत नामांकन बढ़ाने का प्रयास जारी है। नए अभियान के तहत पुराने विद्यार्थियों के पंजीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं नए बच्चों की भी सक्रिय रूप से खोज की जा रही है।

UP News: राजधानी लखनऊ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही “स्कूल चलो अभियान” ने जोर पकड़ लिया है। परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग और स्कूल स्टाफ सक्रिय रूप से मैदान में उतर गए हैं। अभियान के तहत शिक्षकों की टीमें मोहल्लों और गांवों में घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रही हैं और उन्हें सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दे रही हैं।

 पढ़ाई के लिए होगा स्मार्ट क्लास

अभियान के दौरान अभिभावकों को बताया जा रहा है कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, ड्रेस, जूते-मोजे, बैग और मध्याह्न भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्मार्ट क्लास, खेल सामग्री और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं के बारे में जागरूकता बढ़ने से अभिभावकों का रुझान सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ रहा है।

फूल देकर किया गया बच्चों का स्वागत

शिक्षकों ने नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए। नए बच्चों के स्वागत के लिए स्कूल परिसर में कार्यक्रम हुए, जहां उन्हें तिलक लगाकर और फूल देकर स्वागत किया गया। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का तुरंत नामांकन भी कराया।

ड्रॉपआउट बच्चों स्कूल लाने का प्रयास

अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है जो किसी कारण से स्कूल नहीं जा पा रहे थे या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। इसके लिए शिक्षकों ने ड्रॉपआउट बच्चों की सूची तैयार कर उन्हें फिर से स्कूल लाने का प्रयास शुरू किया है। स्थानीय समुदाय, प्रधान और अभिभावकों की मदद से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की जा रही है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी बराबर ध्यान

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार “स्कूल चलो अभियान” केवल नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी बराबर ध्यान दिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि नए सत्र में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाए और किसी भी बच्चे की पढ़ाई न छूटे।

अभियान के चलते कई परिषदीय विद्यालयों में नामांकन में वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी और शिक्षा के प्रति जागरूकता का दायरा भी विस्तृत होगा।

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