अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले इस्लामाबाद में कूटनीतिक हलचल तेज

US-Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम पर अहम बातचीत होने जा रही है। इससे पहले दो हफ्तों के सीजफायर का ऐलान किया जा चुका है।

वार्ता को लेकर उम्मीदें जताई जा रही हैं, हालांकि ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दोहराया है कि उनकी प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।


वार्ता से पहले ईरान की दो शर्तें

बातचीत शुरू होने से पहले ईरान ने अपनी दो प्रमुख मांगें रखी हैं—

  • उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल किया जाए
  • लेबनान में हो रहे हमलों को रोका जाए

इन शर्तों के साथ ईरान वार्ता में शामिल हो रहा है, जिससे बातचीत की दिशा पर असर पड़ सकता है।


शहबाज शरीफ से मिलेगा ईरानी प्रतिनिधिमंडल

वार्ता से पहले ईरानी डेलिगेशन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से मुलाकात करेगा। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।


अमेरिकी टीम भी इस्लामाबाद पहुंची

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance वार्ता में हिस्सा लेने इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।
इसके अलावा, मिडिल ईस्ट के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी पाकिस्तान पहुंच गए हैं।


लंबी बातचीत के मूड में ईरान

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान इस वार्ता को लंबा खींचने की रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि अमेरिका जल्द नतीजा चाहता है। ईरान समय को अपने पक्ष में इस्तेमाल करना चाहता है, वहीं अमेरिका घरेलू स्तर पर यह दिखाना चाहता है कि उसने युद्ध के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता दी।


इंडायरेक्ट होगी अमेरिका-ईरान बातचीत

ईरान सीधे अमेरिकी नेताओं से बातचीत के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में यह वार्ता आमने-सामने न होकर “इंडायरेक्ट” तरीके से होगी—

  • दोनों पक्ष अलग-अलग कमरों में बैठेंगे
  • पाकिस्तान उनके बीच संदेशों का आदान-प्रदान कराएगा

कौन-कौन होंगे वार्ता में शामिल

ईरान की तरफ से:

  • मोहम्मद बाकर कालीबाफ (मजलिस स्पीकर)
  • अब्बास अराघची (विदेश मंत्री)
  • तख्त रावांची (डिप्टी विदेश मंत्री)
  • मोहम्मद बाकर जुल्कदर (सुरक्षा परिषद सचिव)

अमेरिका की तरफ से:

  • JD Vance
  • Steve Witkoff
  • Jared Kushner
  • ब्रैड कूपर (CENTCOM कमांडर)

मध्यस्थ पाकिस्तान की तरफ से:

  • Shehbaz Sharif
  • आसिम मुनीर (आर्मी चीफ)
  • इशाक डार (विदेश मंत्री)
  • मोहम्मद आसिम मलिक (NSA)

इस हाई-प्रोफाइल वार्ता से वैश्विक स्तर पर उम्मीदें जुड़ी हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच अविश्वास और अलग-अलग प्राथमिकताएं इस बातचीत को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं। अब देखना होगा कि क्या यह कूटनीतिक प्रयास स्थायी शांति की दिशा में कोई ठोस परिणाम दे पाता है या नहीं।

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