
ईरान-अमेरिका वार्ता 21 घंटे बाद बेनतीजा, ‘लास्ट एंड बेस्ट ऑफर’ भी फेल…
Iran-US Talks Fail: पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में हुई ईरान-अमेरिका की अहम वार्ता 21 घंटे से ज्यादा समय तक चली, लेकिन आखिरकार बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। दोनों देशों के बीच 1979 के बाद इस स्तर पर यह पहली सीधी बातचीत थी, जिससे बड़ी उम्मीदें जुड़ी थीं।
जेडी वेंस का बयान—‘सार्थक चर्चा, लेकिन कोई नतीजा नहीं’
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बातचीत के दौरान कई “सार्थक चर्चाएं” हुईं, लेकिन दोनों पक्ष किसी समझौते तक नहीं पहुंच सके।
उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ने अपनी “रेड लाइन” स्पष्ट कर दी थी, लेकिन ईरान उनकी शर्तों को मानने को तैयार नहीं हुआ।
न्यूक्लियर मुद्दे पर अड़ी अमेरिका की शर्तें:
वेंस ने बताया कि अमेरिका की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए और ऐसे किसी भी साधन तक उसकी पहुंच न हो, जिससे वह तेजी से न्यूक्लियर वेपन विकसित कर सके।
हालांकि, उन्होंने बातचीत के संवेदनशील मुद्दों पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
ईरान ने भी मानी वार्ता विफलता:
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने भी पुष्टि की कि बातचीत सफल नहीं रही।
उन्होंने बताया कि चर्चा के दौरान कई अहम मुद्दों पर बात हुई, जिनमें होर्मुज स्ट्रेट, न्यूक्लियर प्रोग्राम, युद्ध हर्जाना, प्रतिबंध हटाना और क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करना शामिल था।
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पाकिस्तान की मेजबानी की सराहना:
वेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir की तारीफ करते हुए उन्हें “बेहतरीन मेजबान” बताया।
उन्होंने कहा कि बातचीत में आई कमियां पाकिस्तान की वजह से नहीं थीं, बल्कि दोनों पक्षों के मतभेद ज्यादा गहरे थे।
वार्ता विफल होने के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह कूटनीतिक रास्ता खुला रखेगा, लेकिन ईरान को “आखिरी और बेहतरीन ऑफर” पहले ही दिया जा चुका है।





