‘करप्शन करंट’ पर बड़ा झटका, बाराबंकी में रिश्वतखोरी पर गिरी गाज

Barabanki News: बाराबंकी में गरीब परिवार से बिजली कनेक्शन के नाम पर घूस मांगने का आरोप इतना बड़ा निकला कि सीधे प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को हस्तक्षेप करना पड़ा।

Barabanki News: उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। बाराबंकी जिले में एक नए बिजली कनेक्शन के बदले रिश्वत मांगने और गलत एस्टीमेट बनाने के आरोप में लाइनमैन को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि एसडीओ (SDO) और जेई (JE) को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अभियंता (XEN) के खिलाफ भी अनुशासनिक जांच और तबादले की कार्रवाई की गई है।

कहां  की है ये घटना?

मामला सदर तहसील नवाबगंज क्षेत्र के भिटौली कला गांव का है, जहां रामजेई पत्नी सुरेश ने 2 किलोवाट घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था. पीड़िता के पुत्र विमल कुमार का आरोप है कि सर्वे के बाद विभागीय कर्मचारी मनीष वर्मा ने कनेक्शन दिलाने के नाम पर 15 हजार रुपये की घूस मांगी. जब परिवार ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो विभाग की ओर से 3,39,967 रुपये का भारी-भरकम स्टीमेट थमा दिया गया, जो उनके घर की कीमत से भी ज्यादा बताया गया.

उपभोक्ता के आए आंसू

मंत्री एके शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर अफसरों को निर्देश देते हुए बताया कि जिस उपभोक्ता की अपनी पीड़ा बताते हुए आंख में आंसू आ जाए, वहां के लोगों की इस हद तक परेशान करने की, जो हमारे विभाग की प्रवृत्ति है, ये अक्षम्य है।

जांच में यह भी सामने आया कि शिकायत के बाद विभाग ने पीड़ित पर 3 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया और जमीन की रजिस्ट्री के आधार पर रकम तय करने की कोशिश की.

मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए. सदर नवाबगंज के अधिशासी अभियंता घनश्याम त्रिपाठी को हटाने और नोटिस देने के आदेश दिए गए. साथ ही अवर अभियंता अभिनव श्रीवास्तव और उपखंड अधिकारी रवि वर्मा को निलंबित कर दिया गया. वहीं, लाइनमैन मनीष वर्मा को बर्खास्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं.

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