Lucknow Fire: लखनऊ अग्निकांड का भयावह था मंजर, तबाही देख दहल उठेगा दिल

Lucknow Fire: लखनऊ के विकासनगर में भीषण आग लगने से 1200 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, हजारों लोग बेघर हो गए। राहत कार्य में देरी के आरोपों के बीच कई लोगों के लापता होने की आशंका है।

Lucknow Fire: लखनऊ के विकास नगर में बुधवार की शाम लगी आग आठ घंटे की मशक्कत के बाद देर रात बुझा तो ली गई लेकिन कई अपनों की तलाश अब भी जारी है। इस बीच पुलिस ने आग बुझाने के बाद दो बच्चों की लाश बरामद की है। दोनों बच्चों की उम्र दो साल के आसपास बताई जा रही है। लगभग1200 झुग्गी झोपड़ियों में लगी आग से सबकुछ खाक हो गया है। सौ के करीब एलपीजी सिलेंडर और बाइकों की टंकियां फटने से आग भड़कती रही। इससे करीब दस किलोमीटर के इलाके में धुएं का गुबार देखा गया।

कई किमी दूर तक दिखा धुएं का ग़ुबार

इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते आग ने सैकड़ों झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के इलाकों में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए यहां से वहां भागने लगे. सिलेंडरों में धमाके के बाद पूरा आसमान लाल हो गया. कई किलोमीटर तक धुएं का घना गुबार दूर से ही देखा गया. जिससे लोग बुरी तरह सहम गए.

 

आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई और घंटों की मशक़्क़त के बाद आग पर काबू पाया गया. इस घटना की शुरुआती जांच में किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आग की तीव्रता के कारण कई छोटे रसोई गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुए. जिस इलाके में आग लगी, उसके आसपास होटल और कई ऑटोमोबाइल शोरूम भी थे.

जान बचाने के लिए भागते दिखे लोग

दमकल विभाग ने आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के कई मकानों को बिल्डिंग को खाली करा लिया. घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के साथ-साथ सामान सुरक्षित करने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, इस आग में 200 से ज्यादा झुग्गियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं.

1200 झोपडियां जलीं, हजारों बेघर, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया और अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं और आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं. वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुँच गए. उन्होंने बताया कि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. हमारी प्राथमिकता घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाना और उन्हें समुचित इलाज उपलब्ध कराना है.

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