UP News: मेरठ में प्रशासन का बुलडोजर मोड ON! यूट्यूबर शादाब का शोरूम भी सील

Meerut News In Hindi: आवास विकास परिषद की टीम ने हापुड़ रोड स्थित ग्रैंड स्क्वेयर कांप्लेक्स को सील कर दिया. इस कांप्लेक्स में यूट्यूबर शादाब जकाती का भी गोल्ड ज्वैलरी का शोरूम था।

Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन का डंडा चला है। मेरठ के हापुड़ रोड स्थित ग्रैंड स्क्वेयर कॉम्प्लेक्स (Grand Square Complex) को आवास विकास परिषद की टीम ने पूरी तरह सील कर दिया है। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि इसी कॉम्प्लेक्स में मशहूर यूट्यूबर शादाब जकाती (Shadab Jakati) का ‘वन ग्राम गोल्ड ज्वेलरी’ शोरूम भी स्थित है, जिसे प्रशासन ने बंद कर दिया है।

भारी पुलिस बल के साथ हुई कार्रवाई

बुधवार को आवास विकास परिषद की टीम भारी पुलिस बल के साथ हापुड़ रोड पहुंची। अधिकारियों ने अचानक ग्रैंड स्क्वेयर कॉम्प्लेक्स की घेराबंदी की और सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस कॉम्प्लेक्स में लगभग 200 दुकानें हैं। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।

यूट्यूबर शादाब जकाती से जुड़ा विवाद

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कॉम्प्लेक्स पिछले तीन सालों से बना हुआ था, लेकिन हाल ही में तब सुर्खियों में आया जब यूट्यूबर शादाब जकाती ने यहाँ अपना ज्वेलरी शोरूम खोला। शोरूम के उद्घाटन के दौरान जुटी भारी भीड़ के कारण शादाब पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था (हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी)।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच चर्चा है कि शादाब जकाती के शोरूम से जुड़े विवादों के बाद ही प्रशासन की नजर इस बिल्डिंग पर पड़ी और अब अवैध निर्माण का हवाला देकर इसे सील कर दिया गया है।

व्यापारियों में भारी नाराजगी

कॉम्प्लेक्स के मालिक और वहां दुकान चलाने वाले व्यापारियों ने आवास विकास परिषद पर नियमों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें पहले कोई उचित नोटिस नहीं दिया गया और अचानक की गई इस कार्रवाई से उनका भारी नुकसान हुआ है। कुछ व्यापारियों ने इस मामले को लेकर कोर्ट जाने और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।

मेरठ प्रशासन की यह कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ एक कड़ा संदेश है, लेकिन मशहूर हस्तियों के शामिल होने से इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। अब देखना यह है कि व्यापारी इस सीलिंग के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं।

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