लखनऊ में बिजली संकट का ‘पारा’ हाई, फॉल्ट-कटौती से बेहाल लोगों ने किया प्रदर्शन

Lucknow power outage (लखनऊ में बिजली संकट): लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग घटने के बावजूद फॉल्ट, ट्रांसफॉर्मर खराबी और मरम्मत में देरी से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही।

Lucknow power outage : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘वर्टिकल व्यवस्था’ लागू होने के बाद पहली ही गर्मी में शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भीषण गर्मी और लगातार हो रहे पावर कट (Power Outage) व फॉल्ट के कारण शहर के कई इलाकों में पिछले 36 घंटों से बिजली गुल है।

पानी और बिजली की किल्लत से जूझ रहे स्थानीय लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर फूटने लगा है। उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच कई जगहों पर जनता और बिजली विभाग के कर्मचारियों के बीच तीखी झड़पें भी सामने आ रही हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि आक्रोशित लोगों ने एक इलाके में जूनियर इंजीनियर (JE) की गाड़ी तक पंक्चर कर दी।

रातभर गुल रही बिजली

गुरुवार रात 11 बजे से लेकर शुक्रवार सुबह तक इंदिरानगर के बी-ब्लॉक, जानकीपुरम, कानपुर रोड, तेलीबाग, राजाजीपुरम, चिनहट और आसपास के इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों को परेशान किया। रातभर बिजली गुल रहने से लोग उमस और गर्मी में बेहाल रहे। कई घरों में इनवर्टर जवाब दे गए और लोगों को पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ी।

उपकेंद्रों का घेराव और चक्का जाम

बिजली संकट से परेशान लोगों की भीड़ ने देर रात इंदिरानगर सेक्टर-25 और जानकीपुरम उपकेंद्रों का घेराव किया। वहीं पीजीआई इलाके में बिजली बाधित होने से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण रायबरेली रोड पर लंबा जाम लग गया और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

ट्रांसफॉर्मर में आग

बिजली संकट के बीच चिनहट तिराहे पर फ्लाईओवर के नीचे लगे 100 केवी के ट्रांसफॉर्मर में आग लगने से स्थिति और बिगड़ गई। इस घटना के बाद अयोध्या रोड की स्ट्रीट लाइटें बंद हो गईं, जिससे रात में आवाजाही करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बुलाए गए 44 अनुभवी इंजीनियर

जनता के बढ़ते गुस्से और लड़खड़ाती बिजली सप्लाई को पटरी पर लाने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। प्रबंध निदेशक (MD) के सख्त आदेश पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 44 अनुभवी अभियंताओं (Engineers) को तत्काल प्रभाव से लखनऊ बुलाया गया है।

इन सभी 44 इंजीनियरों की खासियत यह है कि ये पहले भी लखनऊ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और शहर के विद्युत नेटवर्क व भौगोलिक स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं।

वर्टिकल व्यवस्था की खुली पोल

विभागीय सूत्रों और जानकारों का कहना है कि लखनऊ में बिजली सुधार के लिए लागू की गई ‘वर्टिकल व्यवस्था’ इस पहली ही गर्मी में पूरी तरह फ्लॉप साबित होती दिख रही है। प्री-मानसून और गर्मी की शुरुआत में ही मेंटेनेंस के बड़े-बड़े दावे हवा हो गए हैं। फॉल्ट को ठीक करने में घंटों का समय लग रहा है, जिससे जनता का सब्र टूट रहा है। अब देखना यह है कि 44 नए इंजीनियरों की यह ‘इमरजेंसी टीम’ लखनऊ के लोगों को इस भीषण उमस और ब्लैकआउट से कितनी जल्दी राहत दिला पाती है।

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