
फर्जी दस्तावेजों से बनाई जा रही थी घुसपैठियों की पहचान? ED ने कई ठिकानों पर की छापेमारी
Rohingya Bangladeshi Infiltration Case: भारत में कथित अवैध घुसपैठ के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई ट्रस्टों और इस्लामिक मदरसों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की।
ईडी का आरोप है कि कुछ संस्थाएं कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से घुसने और यहां बसने में मदद कर रही थीं। एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर कथित घुसपैठियों की नई पहचान बनाने और उन्हें भारत में रहने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
फर्जी आधार, पैन और पासपोर्ट बनवाने का आरोप
ईडी के अनुसार, कथित सिंडिकेट की मदद से भारत में आए लोगों के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज तैयार कराए जाते थे। एजेंसी का आरोप है कि इन दस्तावेजों के जरिए कथित घुसपैठियों की झूठी पहचान तैयार की जाती थी, ताकि वे भारत में स्थायी रूप से रह सकें।
जांच एजेंसी अब छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। ईडी का कहना है कि इनसे पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है।
किन संस्थाओं पर हुई कार्रवाई?
ईडी की कार्रवाई पश्चिम बंगाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई ठिकानों पर हुई। एजेंसी के मुताबिक, जांच के दायरे में पश्चिम बंगाल के कालिकापुर स्थित हरोरा अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम, उत्तर 24 परगना का ताहिरिया वेलफेयर ट्रस्ट और कबीरबाग मिल्लत अकादमी शामिल हैं।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में मदीनी मस्जिद के पास स्थित मोहल्ला-महल से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।
घुसपैठियों को रोजगार दिलाने का भी आरोप
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, कथित नेटवर्क सिर्फ भारत में घुसपैठ कराने तक सीमित नहीं था। एजेंसी का आरोप है कि कथित घुसपैठियों को भारत में स्थायी रूप से बसाने और कमाई का साधन उपलब्ध कराने में भी मदद की जाती थी।
जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि कुछ लोगों को ई-रिक्शा, नौकरी या नकद आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती थी। एजेंसी का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क सीमा से लगे जिलों में सक्रिय था।
एक ठिकाने से 40 लाख रुपये नकद बरामद
ईडी के लखनऊ जोन कार्यालय की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल के हरोरा अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम के कार्यालय से 40 लाख रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया है।
इसके अलावा एजेंसी के मुताबिक, संस्थान की लाइब्रेरी से करीब 180 ग्राम वजन के सोने के सिक्के भी मिले हैं। ईडी अब बरामद नकदी और सोने से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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ब्रिटेन से फंडिंग की भी जांच
ईडी का आरोप है कि कुछ संस्थाओं ने FCRA के जरिए ब्रिटेन स्थित संस्थाओं से फंड हासिल किया। एजेंसी अब इस फंडिंग के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विदेशी फंड का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया और क्या इसका कथित घुसपैठ नेटवर्क से कोई संबंध है।
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डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच
ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान बरामद डिजिटल उपकरणों और आपत्तिजनक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही मामले से जुड़े प्रमुख लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
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