
Stock Market: मिडिल ईस्ट तनाव से शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 600+ अंक टूटा
मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल के 90 डॉलर पार पहुंचने से भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट।
Stock Market Today: पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच गहराते संघर्ष का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ देखने को मिल रहा है। मंगलवार के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ लाल निशान में खुले।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 600 से अधिक अंक टूट गया, वहीं एनएससी निफ्टी (NSE Nifty 50) भी लगभग 180 अंकों की गिरावट के साथ 24,100 के स्तर के नीचे आ गया।
गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
1. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उबाल
मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। कच्चे तेल के महंगे होने से भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देश के लिए व्यापार घाटा और महंगाई बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।
2. एशियाई और अमेरिकी बाजारों से कमजोर संकेत
ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने (Risk-off sentiment) की प्रवृत्ति के कारण वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों में बिकवाली का माहौल रहा। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों की धारणा पर पड़ा।
3. बैंकिंग और प्राइवेट स्टॉक्स में बिकवाली
शुरुआती कारोबार में बैंक निफ्टी (Nifty Bank) और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इसके अलावा ऑटो और आईटी सेक्टर्स में भी गिरावट दर्ज की गई।
ये सेक्टर्स रहे लाल और हरे निशान में?
प्राइवेट बैंक, ऑटोमोबाइल, आईटी और रियलिटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दौर देखने को मिला। वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद मेटल, फार्मा और ऑयल एंड गैस (Oil & Gas) सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
बाजार के जानकारों की राय
एनालिस्ट्स का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें 88-90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहेंगी, तब तक भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल बहुत उतावली खरीदारी से बचकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।





