
BWF: बैडमिंटन वर्ल्ड कप में लंगूर की आवाज क्यों निकालेंगे इंसान? वजह जान हंसेंगे
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित हो रही बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में बंदरों के आतंक को रोकने के लिए लंगूर की आवाज निकालने वाले एक्सपर्ट्स तैनात किए गए हैं।
BWF World Championships: राजधानी नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाली BWF बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 (BWF World Championships) को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ (BAI) एक अनूठा तरीका निकाला है। टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियम में बंदरों, कुत्ते और कबूतरों को रोकने के लिए आयोजकों ने करोड़ों रुपए खर्च कर उनसे निपटने के लिए पेशेवर विशेषज्ञों को बुलाया है, जो लंगूर की तरह आवाज निकाल सकते हैं।
यह दिलचस्प कदम इस साल की शुरुआत में हुए इंडिया ओपन (India Open) के दौरान स्टेडियम की स्टैंड्स में बंदरों के घुस आने से हुई फजीहत के बाद उठाया गया है।
बंदरों से सुरक्षा के लिए मिमिक्स तैनात
मध्य दिल्ली के स्टेडियम परिसर में लाल मुंह वाले बंदरों (रेशस मकाक) का जमावड़ा अक्सर देखने को मिलता है। चूंकि भारत में लंगूरों के वास्तविक इस्तेमाल पर कानूनी रोक है, इसलिए आयोजकों ने तीन ऐसे पेशेवर विशेषज्ञों को काम पर रखा है जो लंगूर की घुरघुराहट और आवाज की सटीक नकल (Mimic) कर सकते हैं।
लंगूर की आवाज सुनकर बंदर डरकर दूर भाग जाते हैं। एक्सपर्ट जफर ने बताया कि वे सालों से नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और राष्ट्रपति भवन जैसे प्रमुख स्थानों पर यह काम कर चुके हैं और इससे किसी भी जानवर को चोट पहुंचाए बिना बंदरों को दूर रखा जाता है।
पीवी सिंधु ने दी प्रतिक्रिया
भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस खबर को साझा करते हुए लिखा इस अनूठे समाधान पर किसी को हंसी आ सकती है, लेकिन इसके पीछे की कोशिश और मेहनत की तारीफ करनी होगी। भारत दुनिया का स्वागत करने के लिए पर्दे के पीछे से कितनी मेहनत कर रहा है, यह उसी का प्रमाण है। हमारे तरीके भले ही ‘यूनिकली इंडियन’ हों, लेकिन हमारा आतिथ्य और गर्मजोशी भी वैसी ही है।
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स्टेडियम में कड़े इंतजाम
17 सालों के लंबे अंतराल के बाद बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी भारत में हो रही है। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने के लिए SAI और BAI ने स्टेडियम परिसर में कई तरह के बदलाव किए हैं.
स्टेडियम के प्रवेश द्वारों पर डबल-डोर सिस्टम लगाए गए हैं ताकि पक्षी (कबूतर) या बंदर अंदर न आ सकें। 2,500 से ज्यादा सीटों और 57 से अधिक वॉशरूम को नया रूप दिया गया है ताकि विदेशी खिलाड़ियों और दर्शकों को कोई असुविधा न हो।
आयोजकों का मानना है कि इन प्रयासों से 17 से 23 अगस्त तक चलने वाली इस मेगा बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से पूरा होगा।
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