Health Tips: गलत तरीके से नहा रहे 90% लोग, ठंड में ज्यादा हार्ट अटैक का कारण, जाने वजह और उपाय…

Health Tips: सर्दी के मौसम में ठंड की वजह से धमनियां सिकुड़ी रहती है. जिस से हार्ट को ऑक्सीजन पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे ब्लड फ्लो कम होता है और हार्ट की मसल्स को ऑक्सीजन कम मिल पाता है।

Health Tips: सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक के मामले बहुत ज्यादा देखने को मिलते हैं। इनमें से कई सारे मामलों में बाथरूम के अंदर हार्ट अटैक आता है। जिसमें से कई सारे लोगों की जान बच नहीं पाती। नहाने का गलत तरीका इसके पीछे का कारण हो सकता है और करीब 90 प्रतिशत लोग ऐसे ही नहाते हैं। ठंड में खून की नलियां सिकुड़ जाती हैं और दिल को ब्लड पंप करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। इससे हृदय पर तनाव बढ़ जाता है और हार्ट अटैक आ सकता है। कोलेस्ट्रॉल की समस्या इस खतरे को और ज्यादा कर देती हैं।

सर्दियों में दिल की हेल्थ के लिए क्या करें?

  • घर का तापमान आरामदायक रखें।
  • गुनगुना पानी पीने की आदत बनाएं।
  • फिजिकल एक्टिविटी जैसे वॉकिंग और स्ट्रेचिंग जरूर करें।
  • हेल्दी डाइट लें।
  • हीटर लगातार न चालू रखें।
  • गर्म कपड़े पहनें।
  • सर्दियों में गुनगुने पानी से नहाएं।
  • पानी डालने की शुरुआत पैरों, पीठ या हाथ आदि से करें। 

ठंडे पानी से नहाना हार्ट के लिए क्यों खतरनाक

सर्दियों के मौसम में बहुत से लोग सुबह-सुबह ठंडे पानी से नहा लेते हैं, लोगों का ऐसा मानना है कि ठंडे पानी से नाहने पर शरीर एक्टिव रहता है और आलस दूर हो जाता है। हालांकि, सर्दियों में ठंडे पानी से नहाना और उसकी शुरुआत सिर से करना खतरनाक हो सकता है। 

दरअसल, ब्लड सर्कुलेशन ऊपर से नीचे यानी सिर से पैर की तरफ होता है। अगर सीधे सिर पर ठंडा पानी डालते हैं तो मस्तिष्क की महीन नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं। सिर ठंडा होने लगता है, जिसके चलते ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। ऐसे में हार्ट अटैक या दिमाग की नस फटने का खतरा रहता है। इसलिए दिमाग और शरीर का तापमान बैलेंस रखने के लिए नहाने का तरीका बदलना चाहिए। ऐसी स्थिति से बचने के लिए पहले पैर पर पानी डालें और फिर शरीर के अन्य हिस्सों पर पानी डालें।

Back to top button