
राज्यसभा और लोकसभा टीवी का हुआ मर्जर, नया नाम होगा संसद टीवी; ये रिटायर आईएएस बने CEO

नई दिल्ली। राज्यसभा और लोकसभा टीवी अब अलग-अलग नहीं दिखाई देंगे। दोनों को मर्ज कर दिया गया है और नया नाम संसद टीवी रख दिया गया है।
अब दोनों सदनों की कार्यवाही संसद टीवी पर देखी जा सकेगी। इसी नए प्लेटफॉर्म पर हिन्दी और अंग्रेजी में करेंट अफेयर्सस से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे।
दोनों टीवी के मर्जर और संसद टीवी नाम को लेकर राज्यसभा सचिवालय की ओर से एक सर्कुलर जारी हुआ है। रिटायर आईएएस अधिकारी रवि कपूर को अगले आदेश तक या एक साल के लिए संसद टीवी का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) बनाया गया है।
यह योजना 2019 में प्रसार भारती के सीईओ सूर्य प्रकाश की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रस्तावित की गई थी और इसका उद्देश्य लागत में कटौती, चैनल के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना व दर्शकों एवं विज्ञापनदाताओं के लिए इसमें अधिक आकर्षक प्रोडक्ट बनाने को सामग्री को फिर से जोड़ना है।
लोकसभा और राज्यसभा टीवी दोनों लाभ कमाने वाली संस्थाएं थीं और चैनलों ने मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गजों और केंद्रीय मंत्रालयों से विज्ञापन प्राप्त किए।
नई योजना के मुताबिक, संसद के दोनों सदनों की लाइव कार्यवाही के सुचारू प्रसारण के लिए संसद टीवी के पास दो मंच या चैनल होंगे। योजना में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अवकाश के दौरान अंग्रेजी और हिंदी में करंट अफेयर्स चैनल चलाने या सिर्फ एक चैनल को बंद करने और दूसरे पर प्रोग्राम चलाने का विकल्प होगा।
राज्यसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों टीवी को मर्ज कर संसद टीवी बनाने से काफी पैसों की बचत होगी, क्योंकि सिर्फ राज्यसभा टीवी ने तालकटोरा रोड पर अपने कार्यालय और स्टूडियो के लिए किराए पर 10-12 करोड़ रुपये खर्च किए। संसद टीवी के लिए नया पता महादेव रोड पर एक छोटा सा बंगला होगा।