पुणे रेप केस में चौकाने वाले खुलासे…आरोपी पर कई क्रिमिनल केस?

Pune Bus Rape Case: यह घटना पुणे के स्वार्गेट बस स्टैंड पर हुई, जो शहर के सबसे व्यस्त बस स्टेशनों में से एक है। पुलिस के अनुसार, गाड़े ने महिला को एक खाली बस में ले जाकर उसका दरवाजा बंद कर दिया और उसके साथ बलात्कार किया।

Pune Bus Rape Case: महाराष्ट्र के पुणे में सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वले स्वारगेट बस डिपो (Swargate ST Depo) में दुष्कर्म की घटना ने महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुणे के प्रभारी मंत्री डिप्टी सीएम अजित पवार और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मामले में स्वारगेट बस डिपो की सुरक्षा को संभालने वाले 23 गार्ड को निलंबित कर दिया है, लेकिन इस सब के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता वसंत मोरे ने MSRTC की डिपों में खड़ी कबाड़ हो चुकी बसों में कंडोम के पैकेट और पुराने कपड़े मिलने का दावा किया है।

पीड़िता ने कहा उसने ‘दीदी’ कहकर बस में बुलाया था

पीड़िता के अनुसार, जब वह मंगलवार सुबह करीब पांच बजकर 45 मिनट पर एक प्लेटफॉर्म पर सतारा जिले के फलटण के लिए बस का इंतजार कर रही थी, तभी एक शख्स उसके पास आया और उसे ‘दीदी’ कहकर संबोधित किया औऱ बस में बुलाया। पीड़िता ने बताया कि शख्स ने उसे बातचीत में उलझा लिया और कहा कि सतारा के लिए बस दूसरे प्लेटफॉर्म पर आ गई है। वह उसे स्टेशन परिसर में ही खड़ी खाली ‘शिव शाही’ एसी बस में ले गया।

बस में नहीं जल रही थी लाइट

बस के अंदर लाइट नहीं जली थीं, इसलिए महिला पहले तो बस में चढ़ने से हिचकिचाई, लेकिन शख्स ने उसे यकीन दिलाया कि यही सही वाहन है। मेडिकल क्षेत्र में काम करने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि इसके बाद वह उसके पीछे-पीछे बस के अंदर गया और उससे बलात्कार कर वहां से भाग गया। पुणे के मध्य में हुई इस चौंकाने वाली घटना से हंगामा मच गया और विपक्ष ने महिला सुरक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की।

मीडिया में कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें पुरानी बसों के अंदर महिलाओं के कपड़े, कंडोम और शराब की बोतलें हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि डिपो में ही पुरानी बसों को क्यों खड़ा किया जा रहा था। परिवहन विभाग के स्टॉफ, पुलिस और सुरक्षा गार्डों के होने के बाद ऐसा क्यों चल रहा था?

आरोपी पर पहले से कई क्रिमिनल केस
पुलिस ने यह जानकारी भी दी है कि आरोपी गाडे पर पहले भी पुणे के शिकरापुर और शिरूर पुलिस थाने में कई केस दर्ज किए जा चुके हैं. उसकी तलाश में पुलिस की आठ टीमें गठित की गई हैं. अहल्यानगर में भी उसके ऊपर कई केस दर्ज हैं. साल 2019 में लूट के मामले में वह बेल पर बाहर आया था और तबसे बाहर ही है. इसके बाद साल 2024 में चोरी के एक मामले में पुणे पुलिस ने उसे तलब किया था.

पुणे पुलिस ने आरोपी दत्तात्रेय गाडे के भाई से पूछताछ की है. फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और बाकी टेक्निकल मदद लेकर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है. वहीं, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने भी मामले में गंभीरता से जांच और जल्दी ही आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. 

Back to top button