
Syrup Syndicate पर कार्रवाई तेज… अब तक 200 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
Action on Syrup Syndicate: अवैध सिरप कारोबार से जुड़े सिरप सिंडिकेट के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। अब तक इस सिंडिकेट से जुड़ी करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक सिरप सिंडिकेट लंबे समय से प्रतिबंधित और नशीले कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी में शामिल था। इस नेटवर्क का फैलाव कई राज्यों तक बताया जा रहा है, जिसमें फार्मा कंपनियों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और बिचौलियों की मिलीभगत सामने आई है।
करोड़ों की संपत्तियों पर शिकंजा
जांच एजेंसियों ने अब तक सिंडिकेट से जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। इनमें महंगे मकान, फ्लैट, जमीन, बैंक खाते, लग्जरी गाड़ियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी संपत्तियां अवैध सिरप कारोबार से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।
कई राज्यों में छापेमारी
कार्रवाई के तहत अलग-अलग राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई, जहां से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप, नकदी और अहम दस्तावेज बरामद हुए। जांच एजेंसियां अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
युवाओं और समाज पर असर
अधिकारियों ने बताया कि अवैध सिरप का इस्तेमाल खासतौर पर युवाओं में नशे के रूप में किया जा रहा था, जिससे सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही थीं। इसी को देखते हुए सरकार और जांच एजेंसियों ने इस सिंडिकेट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
हो सकती है और गिरफ़्तारी
जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और संपत्ति कुर्की की जा सकती है। सिंडिकेट के सरगनाओं तक पहुंचने के लिए वित्तीय लेन-देन और अंतरराज्यीय संपर्कों की गहराई से जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई को अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने तक अभियान जारी रहेगा।





