राष्ट्रपति भवन में ‘5 अरबवीं थाली’, राष्ट्रपति मुर्मू ने बच्चों को परोसा खाना…

देश के सबसे बड़े स्कूल पोषण अभियानों में शामिल अक्षय पात्र फाउंडेशन ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 5 अरबवीं थाली परोसने का जश्न राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में मनाया। इस खास मौके पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं बच्चों को भोजन परोसकर इस उपलब्धि को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, इस्कॉन बेंगलुरु के अध्यक्ष और फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन मधु पंडित दास तथा वाइस चेयरमैन चंचलापति दास सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

‘सुपोषित और शिक्षित भारत’ का विजन

कार्यक्रम की थीम “सुपोषित और शिक्षित भारत से विकसित भारत” रही, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि बच्चों का पोषण और शिक्षा ही देश के भविष्य की मजबूत नींव है। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM-POSHAN) के तहत दिया जाने वाला भोजन केवल एक सेवा नहीं, बल्कि देश की मानव पूंजी में निवेश है। उन्होंने बताया कि इस योजना से स्कूलों में नामांकन, उपस्थिति और बच्चों की सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

हर दिन 23.5 लाख बच्चों तक पहुंच रहा भोजन

फिलहाल अक्षय पात्र फाउंडेशन देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 अत्याधुनिक रसोईघरों के जरिए करीब 23.5 लाख बच्चों को प्रतिदिन ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस संख्या को बढ़ाकर 30 लाख बच्चों प्रतिदिन तक पहुंचाना है।

सरकार और समाज की साझेदारी का मॉडल

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पहल को जनआंदोलन बताते हुए कहा कि जब तक देश के बच्चे सुपोषित नहीं होंगे, तब तक भारत अपनी पूरी क्षमता हासिल नहीं कर सकता। उन्होंने इसे सरकार, समाज और संस्थाओं के सफल पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल का बेहतरीन उदाहरण बताया।

25 साल की यात्रा: 1 अरब से 5 अरब तक

साल 2000 में शुरू हुई इस पहल ने बेहद तेजी से विस्तार किया:

  • 2012: 1 अरबवीं थाली – परोसी नारायण मूर्ति ने

  • 2016: 2 अरबवीं थाली – परोसी प्रणब मुखर्जी ने

  • 2019: 3 अरबवीं थाली – परोसी नरेंद्र मोदी ने

  • 2024: 4 अरब भोजन – संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में उत्सव

  • 2026: 5 अरबवीं थाली – परोसी द्रौपदी मुर्मू ने

आज यह कार्यक्रम दुनिया के सबसे बड़े एनजीओ संचालित स्कूल मील अभियानों में गिना जाता है।

भूख से शिक्षा तक: मिशन का विस्तार

अक्षय पात्र फाउंडेशन की शुरुआत इस संकल्प के साथ हुई थी कि कोई भी बच्चा भूख की वजह से शिक्षा से वंचित न रहे।
आज यह मिशन केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास को भी मजबूती दे रहा है।

संस्था का मानना है कि “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना के साथ सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और शिक्षित भारत बनाया जा सकता है। 5 अरब थालियों का यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि करोड़ों बच्चों के बेहतर भविष्य की कहानी है। अक्षय पात्र का यह सफर दिखाता है कि सही नीयत, मजबूत साझेदारी और निरंतर प्रयास से भूख और शिक्षा जैसी बड़ी चुनौतियों को भी हराया जा सकता है।

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