ED की पूछताछ में अनिल अंबानी गैरहाज़िर, किया वर्चुअल पेशी की पेशकश

Anil Ambani in Bank Fraud: रिलायंस (Reliance)एडीएजी समूह के चेयरमैन अनिल डी. अंबानी बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर हैं। शुक्रवार को उन्हें ईडी के दिल्ली मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके बजाय अनिल अंबानी ने अपनी ओर से वर्चुअल माध्यम से पेश होने की पेशकश की है।

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईडी द्वारा भेजा गया समन फेमा (FEMA) जांच से संबंधित है और इसका पीएमएलए (PMLA) के मामलों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि अनिल अंबानी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड में अब शामिल नहीं हैं और कंपनी में अपने लगभग 15 साल के कार्यकाल के दौरान वे केवल गैर-कार्यकारी निदेशक रहे। कंपनी ने कहा कि वे किसी भी दिन-प्रतिदिन के संचालन में शामिल नहीं थे।

ED को अब तक नहीं मिला वर्चुअल पेशी का अनुरोध
ईडी के सूत्रों ने बताया कि उन्हें अनिल अंबानी या उनकी कंपनी की ओर से वर्चुअल पेशी का कोई औपचारिक अनुरोध अब तक नहीं मिला है। ईडी ने अनिल अंबानी को 14 नवंबर को फिर से तलब किया था। इससे पहले अगस्त में एजेंसी ने उन्हें कथित 17,000 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की थी।

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धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी की 132 एकड़ जमीन कुर्क
इस बीच ईडी ने नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी में 4,462.81 करोड़ रुपए मूल्य की लगभग 132 एकड़ जमीन को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इससे पहले भी ईडी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामलों में 3,083 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की 42 संपत्तियां जब्त कर चुकी है। इन मामलों में कुल कुर्क संपत्ति का मूल्य 7,545 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

एजेंसी का कहना है कि वह वित्तीय अपराधों में शामिल व्यक्तियों की सक्रिय रूप से तलाश कर रही है और अपराध से अर्जित संपत्ति को वैध दावेदारों को वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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CBI की FIR के आधार पर जांच
ईडी की यह कार्रवाई सीबीआई की उस एफआईआर के आधार पर हो रही है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 406 और 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत RCom, अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। ईडी इन्हीं आरोपों को आगे बढ़ाते हुए धन शोधन और वित्तीय अनियमितताओं की तह तक पहुंचने में जुटी है।

फिलहाल, अनिल अंबानी की अगली पूछताछ और वर्चुअल पेशी को लेकर ईडी क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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