अंटार्कटिका का ‘खूनी झरना’… सफेद बर्फ की गोद में बहते लाल पानी के पीछे क्या है पूरी कहानी?

Ajab-Gajab: अंटार्कटिका…जहां मीलों तक फैली सफेद बर्फ, सन्नाटा और जानलेवा ठंड है। लेकिन इसी बर्फीले महाद्वीप पर एक ऐसा नज़ारा भी मौजूद है, जो पहली नज़र में किसी डरावने दृश्य जैसा लगता है। मैकमुर्डो ड्राई वैलीज़ (McMurdo Dry Valleys) के टेलर ग्लेशियर से गिरती एक जलधारा बिल्कुल ताज़े खून की तरह लाल दिखाई देती है। इसी वजह से इसे दुनिया ‘ब्लड फॉल्स’ (Blood Falls) के नाम से जानती है।

सवाल उठता है—क्या सचमुच बर्फ से खून बह रहा है? या इसके पीछे कोई हैरान करने वाला वैज्ञानिक कारण छिपा है?

खोज की शुरुआत: 1911 में वैज्ञानिक रह गए थे दंग
इस रहस्यमयी झरने को पहली बार 1911 में ऑस्ट्रेलियाई भूवैज्ञानिक थॉमस ग्रिफिथ टेलर ने देखा था। उस दौर में जब उन्होंने बर्फ के बीच से निकलती लाल धार देखी, तो वैज्ञानिक समुदाय चौंक गया।
शुरुआती अनुमान लगाया गया कि शायद लाल शैवाल (Red Algae) की वजह से पानी का रंग ऐसा है, लेकिन बाद के दशकों में हुई गहन रिसर्च ने इस थ्योरी को खारिज कर दिया।

लाल रंग का असली राज: जंग का विज्ञान
आधुनिक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, ब्लड फॉल्स का रहस्य ग्लेशियर के नीचे दबी एक प्राचीन खारी झील से जुड़ा है।

  • यह झील करीब 20 लाख साल से बर्फ के नीचे कैद है।
  • इसमें ऑक्सीजन और सूर्य की रोशनी बिल्कुल नहीं पहुंचती।
  • झील के पानी में आयरन (लोहा) की मात्रा असामान्य रूप से ज्यादा है।

जब यह आयरन-युक्त पानी ग्लेशियर की दरारों से बाहर आता है और हवा (ऑक्सीजन) के संपर्क में आता है, तो उसमें मौजूद लोहा ऑक्सीडाइज हो जाता है।

यही प्रक्रिया लोहे पर जंग लगने जैसी होती है, जिससे पानी का रंग गहरा लाल दिखाई देता है। सफेद बर्फ की पृष्ठभूमि में यह लाल रंग इतना उभरकर दिखता है कि वह खून जैसा प्रतीत होता है।

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क्यों नहीं जमता यह पानी?
अंटार्कटिका की भीषण ठंड में जहां सब कुछ जम जाता है, वहां ब्लड फॉल्स का पानी बहता रहता है। इसकी वजह है—

  • झील का पानी अत्यधिक खारा (Salty) है।
  • नमक की मात्रा इतनी ज्यादा है कि यह पानी शून्य से काफी नीचे तापमान में भी जमता नहीं।

यही कारण है कि माइनस दर्जनों डिग्री तापमान में भी यह ‘खूनी झरना’ बहता रहता है।

अंधेरे में जीवन… एलियन लाइफ की उम्मीद
ब्लड फॉल्स वैज्ञानिकों के लिए सिर्फ एक अजूबा नहीं, बल्कि जीवन की संभावनाओं की कुंजी भी है।
इस झील के भीतर ऐसे सूक्ष्मजीव (Microbes) पाए गए हैं जो—

  • बिना ऑक्सीजन
  • बिना सूरज की रोशनी
  • केवल लोहा और सल्फेट से ऊर्जा लेकर जीवित रहते हैं

वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर ऐसी परिस्थितियों में पृथ्वी पर जीवन संभव है, तो मंगल ग्रह (Mars) या बृहस्पति के चंद्रमा ‘यूरोपा’ जैसे बर्फीले पिंडों पर भी जीवन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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क्या आम लोग ब्लड फॉल्स देख सकते हैं?
यह नज़ारा जितना रोमांचक है, उतना ही दुर्लभ भी।

  • ब्लड फॉल्स आम पर्यटकों के लिए खुला नहीं है।
  • यहां केवल विशेष अनुमति प्राप्त वैज्ञानिक और शोधकर्ता ही जा सकते हैं।

आम लोगों के लिए यह रहस्य तस्वीरों, वीडियो और वैज्ञानिक रिपोर्ट्स के जरिए ही देखने और समझने का विषय बना हुआ है।

कुदरत का खौफनाक लेकिन खूबसूरत करिश्मा
ब्लड फॉल्स इस बात का सबूत है कि प्रकृति कभी-कभी ऐसे दृश्य रच देती है, जो देखने में डरावने लगते हैं, लेकिन उनके पीछे शुद्ध विज्ञान और करोड़ों सालों का इतिहास छिपा होता है।

सफेद बर्फ के बीच बहता यह लाल झरना आज भी वैज्ञानिकों और दुनिया भर के लोगों के लिए रहस्य, रोमांच और शोध का केंद्र बना हुआ है।

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