हर जनप्रतिनिधि सीएचसी पीएचसी को लें गोद, सफल रही टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट की रणनीति: मुख्यमंत्री

लखनऊ। कोरोना के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुख्यमंत्री सोमवार को गोंडा, आजमगढ़ और वाराणसी पहुंचे। सबसे पहले मुख्यमंत्री गोंडा पहुंचे और उसके बाद वह आजमगढ़ और वाराणसी गए।

गोंडा, आजमगढ़ और वाराणसी में मुख्यमंत्री ने कोरोना के फैलाव को रोकने तथा कोरोना संक्रमितों के इलाज को लेकर किए गए प्रबंधों का जायजा लेने के बाद कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने पर जोर दिया।

यह कहा कि हमने तय किया है कि 12 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों को स्पेशल बूथ डेवलप करके उन्हें वैक्सीन की सुरक्षा कवच देंगे और गांवों में वैक्सीनेशन का अभियान शुरू करेंगे।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वह पीएचसी तथा सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए अपनी निधि का उपयोग करें सरकार भी उनकी इस मामले में मदद करेंगी।

सोमवार को मुख्यमंत्री करीब ग्यारह बजे  गोंडा पहुंचे और पुलिस लाइन से वह सीधे कलेक्ट्रेट में बनाए गए इंटीग्रेटेड कोविड-19 कंट्रोल एंड कमांड सेंटर गए। यहां उन्होंने अधिकारियों से कोरोना की स्थिति और सेंटर की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि इन सेंटर को कैसे संचालित करते हैं, फिर टेस्टिंग, वैक्सीनेशन और सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरे के बारे में भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली

और अफसरों से पीड़ितों की मदद के बारे में सवाल भी किए। उन्होंने यहां कोविड हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की निगरानी और उनसे संवाद कैसे होता है इसकी भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने वहां ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का हौसला भी बढ़ाया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि गंभीर मरीजों को लेकर कोई लापरवाही न बरती जाए। कमांड सेंटर की वर्किंग देखने के बाद मुख्यमंत्री जिला अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचे हैं।

इसके बाद जिला पंचायत सभागार में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ कोरोना से निपटने के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की और कहा कि गोंडा जिले और कमिश्नरी  में कोरोना काल का मजबूती से सामना किया गया, उसके परिणाम भी सामने है, परिणाम संतोषप्रद हैं।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि यूपी में टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट की रणनीति कोरोना को रोकने में सफल हो रही है। इस रणीनीति के चलते ही अब यूपी में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार घट रही है और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साल प्रदेश में कोरोना का पहला केस मिलने पर हमारे पास कोई टेस्टिंग क्षमता नहीं थी, तब हमने पुणे सैंपल भेजे थे। मरीजों को भर्ती करने की सुविधा नहीं थी लेकिन आज उप्र 3 लाख से ज्यादा टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं,और पिछले 24 घंटों में 3 लाख 26 हजार कोविड टेस्ट हुए हैं।

उत्तर प्रदेश आज तक 4 करोड़ 67 लाख से अधिक टेस्ट कर चुका है। इसी तरह आईसीयू और आइसोलेशन बेड की सुविधा भी फर्स्ट वेब में नही थी, उसे भी भारत सरकार के सहयोग से बढ़ाया। सेकेंड वेव में 80 हजार वेंटिलेटर युक्त बेड्स की क्षमता का विस्तार किया है।

इसी का परिणाम है कि अब लगातार पॉजिटिविटी कम हुई है, रिकवरी बढ़ी है। पॉजिटिविटी की स्थिति ये है कि 17% तक पहुंच कर ये अब घटकर 2% तक आ चुका है।

एक्टिव केस 3 लाख 10 हजार से घटकर न्यूनतम स्तर पर मात्र 76 हजार रह चुके हैं और केसेज की संख्या 3 हजार प्रतिदिन तक आ चुकी है। इसके लिए हमें वृहद अभियान चलाना पड़ा, एग्रेसिव कैम्पेन चलाना पड़ा,गांव गांव,कस्बो में टेस्ट, ट्रेस,ट्रीट का अभियान चलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेकेंड वेव में ऑक्सीजन के संकट का भी सामना करना पड़ा, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने अपने अपने निधि का प्रयोग करके हर जनपद में ,सीएचसी,पीएचसी के लिए ऑक्सीजन प्लांट निर्माण के लिए किया।

आने वाले समय मे ऑक्सीजन के लिए हर जनपद आत्मनिर्भर होगा इसकी कार्रवाई युद्धस्तर पर चल रही है। यह दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में कोरोना के थर्ड वेव की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है, हर जनपद में पीकू और नीकू बेड्स के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।

पीएचसी, सीएचसी को विकसित करने के साथ मैंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है, कि वह ऑक्सीजन प्लांट निर्माण की तरह एक एक हॉस्पिटल्स को गोद ले लें,

अपनी निधि का इस्तेमाल करें, शासन भी इसमे धनराशि का मदद करेगा। नर्सिंग,पैरामेडिकल स्टाफ,पीडियाट्रिक आदि को ट्रेनिंग की कार्रवाई साथ साथ आगे बढ़ रही है।

45 से ऊपर सभी व्यक्तियों को भारत सरकार निःशुल्क वैक्सीन दे रही है, हमने इसे 18 से 44 वर्ष के लिए हर एक जनपद में वैक्सीन देने का कार्य भी कर रही है।

वैक्सीन फ्री में दिया जा रहा है, अब तक 23 जनपदों में चल रहे इस अभियान को एक 1 जून से ये हर जनपद में शुरू किया जाएगा।

थर्ड वेव की आशंका है, और ये बच्चो को ज्यादा प्रभावित कर सकती है, इसी लिए प्रदेश सरकार ने तय किया है कि 12 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों को स्पेशल बूथ डेवलप करके उन्हें वैक्सीन की सुरक्षा कवच देंगे,

न्यायिक अधिकारियों और मीडिया के लिए भी हर जनपद में बूथ लगाकर वैक्सीन देने का काम शुरू कर रहे हैं। मीडिया से बात करने के बाद मुख्यमंत्री आजमगढ़ के लिए रवाना हो गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button