खगोलशास्त्रियों ने खोज निकाला नया ग्रह, तलाशे जा रहे हैं जीवन के लक्षण

बर्लिन। खगोलशास्त्रियों ने पृथ्वी के सौर मंडल के पास ही एक नए ग्रह की खोज की है, इसे सुपर-अर्थ एक्सोप्लानेट नाम दिया गया है। इस नए ग्रह की सतह का तापमान पृथ्वी के निकटतम ग्रह शुक्र से थोड़ा ठंडा है।

पृथ्वी के अलावा ब्रह्मांड में जीवन के लक्षण तलाश रहे वैज्ञानिकों के लिए इस सुपर-अर्थ ग्रह के वातावरण का अध्ययन करना एक सुनहरा अवसर माना जा रहा है। 

दरअसल एक्सोप्लानेट वो ग्रह होते हैं, जो पृथ्वी के सौर मंडल के बाहर होते हैं। जर्मनी के मैक्स प्लैंक खगोलशास्त्र संस्थान के शोधकर्ताओं ने बताया कि ग्लीज 486 बी ही अपने आप मे जीवन की मौजूदगी के लिए एक आशाजनक उम्मीदवार नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि वो गर्म और सूखा है। 

इस ग्रह की सतह पर लावा की नदियों के बहने की संभावना है लेकिन पृथ्वी से उसकी नजदीकी और उसके भौतिक लक्षण उसे वातावरण के अध्ययन के लिए एक आदर्श उम्मीदवार बनाते हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि पृथ्वी और अंतरिक्ष दोनों से काम करने वाली अगली पीढ़ी की दूरबीनों से इस नए ग्रह का अध्ययन किया जा सकता है। 

बता दें कि नासा इसी साल जेम्स वेब अंतरिक्ष टेलीस्कोप की शुरुआत करने जा रही है। इस टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिक दूसरे एक्सोप्लानेट के वातावरणों को समझने के लिए जरूरी जानकारी निकाल सकते हैं।

इनमें ऐसे ग्रह भी शामिल हैं, जहां जीवन की मौजूदगी की संभावना हो। विज्ञान की पत्रिका साइंस में छपे इस शोध के मुख्य लेखक ग्रह वैज्ञानिक त्रिफोन त्रिफोनोव का कहना है कि इस एक्सोप्लानेट के वातावरण संबंधी जांच करने के लिए सही भौतिक और परिक्रमा-पथ संबंधी विन्यास होना चाहिए। 

Leave a Reply

Back to top button